कुंदन कुमार, पटना। राज्य सरकार ने फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाली योजना के माध्यम से हजारों किसानों को सीधे वित्तीय सहायता पहुंचाई गई है, जिससे खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

​सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने किया राशि का वितरण

​बिहार राज्य फसल सहायता योजना के खरीफ 2024 मौसम के तहत योग्य लाभुक किसानों के बीच सहायता राशि का आधिकारिक वितरण किया गया। इस वितरण कार्यक्रम का नेतृत्व सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव ने किया। मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि खरीफ 2024 के दौरान जिन किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से नुकसान उठाना पड़ा था, सरकार ने उनकी भरपाई के लिए यह मुआवजा राशि जारी की है।

​एक लाख से अधिक किसानों को मिला सीधा लाभ

​इस योजना के तहत राज्य के करीब 1,17,708 लाभुक किसानों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाया गया है। सरकार की ओर से इन किसानों के बैंक खातों में कुल 1,04,46,46,405 रुपये यानी एक अरब चार करोड़ छियालिस लाख छियालिस हजार चार सौ पांच रुपये की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई है। सरकार का यह प्रयास यह सुनिश्चित करता है कि संकट के समय किसानों को किसी भी प्रकार की लाचारी का सामना न करना पड़े और वे अगली फसल की तैयारी मजबूती के साथ कर सकें।

​योजना की मुख्य विशेषताएं और प्रीमियम मुक्ति

​बिहार राज्य फसल सहायता योजना का प्राथमिक उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं या मौसम की बेरुखी के कारण फसल नुकसान होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पूरी तरह से राज्य सरकार की अपनी निधि से संचालित की जा रही है। इसके तहत किसानों को सहायता राशि प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार का प्रीमियम नहीं चुकाना पड़ता है, जिससे यह पूरी तरह से किसानों के लिए निःशुल्क और हितकारी साबित हो रही है।

​नुकसान के आधार पर मुआवजा निर्धारण का प्रावधान

​फसल में होने वाले नुकसान के प्रतिशत के आधार पर सरकार ने सहायता राशि तय की है। योजना के नियमों के अनुसार, यदि उपज दर में 20 प्रतिशत तक का ह्रास दर्ज किया जाता है, तो प्रभावित किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, यदि फसल का नुकसान 20 प्रतिशत से अधिक होता है, तो ऐसी स्थिति में किसानों को 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा राशि प्रदान की जाती है। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी किसानों के हितों की रक्षा के लिए ऐसे कदम उठाए जाते रहेंगे।