कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य के महान सपूतों और दिग्गज समाजवादी नेताओं के योगदान को चिरस्थायी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रदेश के तीन महान विभूतियों स्वर्गीय डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह, स्वर्गीय शरद यादव और स्वर्गीय रामविलास पासवान की राज्य में आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की जाएं। साथ ही, उन्होंने इनकी जयंती या पुण्यतिथि को राजकीय समारोह के रूप में घोषित किए जाने का भी आग्रह किया है।

​प्रखर समाजवादियों का बिहार के विकास में अमूल्य योगदान

​अपने पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने तीनों दिवंगत नेताओं के राजनीतिक सफर और सामाजिक सरोकारों को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह, शरद यादव और रामविलास पासवान ने अपने सक्रिय राजनीतिक जीवन से बिहार और देश की उल्लेखनीय सेवा की है। इन नेताओं के व्यक्तित्व और कृतित्व से हर बिहारवासी सदा ऋणी रहेगा। सामाजिक न्याय और वंचितों की आवाज को बुलंद करने में इन नेताओं ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था।

​रघुवंश बाबू की लंबित मांगों को पूरा करने की पुरजोर मांग

​तेजस्वी यादव ने विशेष रूप से डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि उनके निधन से कुछ दिन पहले उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कुछ मांगें पूरी करने की इच्छा जताई थी। उनके निधन के 6 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। नेता प्रतिपक्ष ने विश्वास जताया है कि सरकार उनकी अंतिम इच्छाओं और लंबित मांगों को पूरा कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देगी।

​सामाजिक न्याय और समतावादी राजनीति के प्रतीक

​शरद यादव के योगदान को याद करते हुए पत्र में कहा गया कि वे संसद के दोनों सदनों में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले कद्दावर नेता थे, जिन्होंने जीवनभर ‘सामाजिक न्याय’ की राजनीति के जरिए पिछड़े और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम किया। वहीं, रामविलास पासवान को समतावादी विकास और समाजवाद का प्रखर पक्षधर बताते हुए कहा गया कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन दबे, कुचले और उपेक्षित वर्गों के संघर्ष, सुरक्षा तथा विकास के लिए समर्पित कर दिया। अंत में, राज्य सरकार से यह उम्मीद जताई गई है कि इन महान नेताओं के सम्मान में जल्द ही उचित और ठोस कदम उठाए जाएंगे।