औरंगाबाद। बिहार में सोमवार और रविवार की रात दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों में कुल 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इन हादसों में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। पहली घटना औरंगाबाद में हुई जहां पर्यटकों से भरी बस और ट्रक की भिड़ंत हो गई वहीं दूसरी घटना अरवल में हुई जहां एक तेज रफ्तार कार नहर में जा गिरी।
औरंगाबाद: काशी जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त
सोमवार सुबह औरंगाबाद में हुए हादसे में आंध्र प्रदेश के 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। करीब 40 यात्रियों से भरी बस बोधगया से काशी जा रही थी। भवानी होटल के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए।
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों की पहचान चावादम हजरत थेटा, पद्मा और पशु पुलेटी वेंकटेश्वरलू के रूप में हुई है। घायलों में रामा रेड्डी, प्रसाद रेड्डी और टी राजलक्ष्मी समेत अन्य शामिल हैं। आठ घायलों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
अरवल: अनियंत्रित कार नहर में समाई
दूसरी तरफ, अरवल-पटना नहर रोड पर रविवार रात एक कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। कार में सवार 5 लोग पटना के थे, जो एक विधायक से मिलकर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा से अधिक थी, जिसके कारण मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया।
गाड़ी के खिड़की और दरवाजे पानी के दबाव के कारण नहीं खुल सके, जिससे कार के अंदर ही दम घुटने से 4 युवकों की मौत हो गई। गोताखोरों और क्रेन की मदद से शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों में बिहटा के रिशांक, मनोज और कंकड़बाग के अमन शामिल हैं, जबकि चौथे की पहचान अभी नहीं हो सकी है। ड्राइवर रोहित को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
पुलिस जांच और सुरक्षा पर सवाल
दोनों ही मामलों में पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वे हर एंगल से जांच कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इन संवेदनशील मोड़ों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और गति सीमा पर नियंत्रण रखने की मांग की है। इन घटनाओं ने सड़क सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

