PoK में भड़के जनविद्रोह को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सेना तड़ातड़ और अंधाधुंध फायरिंग कर रही है. उसकी इस बेपरवाह कत्लेआम में कुछ भी नहीं दिख रहा है. इसी क्रम में पीटरबरो के रहने वाले 50 वर्षीय मोहम्मद अख्तर कोटली क्षेत्र में आए थे, जहां सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष के दौरान एक गोली लगने से उनकी जान चली गई. ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
वहीं, दूसरे ब्रिटिश नागरिक वकास आरिफ को बिना आरोप दो महीने से ज्यादा समय से जेल में रखा गया है. वे प्रदर्शनों का हिस्सा भी नहीं थे और कोई नारेबाजी भी नहीं कर रहे थे.
PoK में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी ने अब लंदन तक हलचल मचा कर रख दी है. असीम मुनीर की आर्मी ने कुछ ऐसा किया है, जिससे अब ब्रिटेन भड़क उठा है. ब्रिटिश सरकार ने चिंता जताई है और अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर इस क्षेत्र की यात्रा न करने की सलाह दी है.
PoK में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. यहां अब आए दिन सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें देखी जा रही है. जिसका नतीजा यह है कि इन झड़पों के बीच एक ब्रिटिश नागरिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य ब्रिटिश नागरिक को दो महीने से ज्यादा समय से जेल में रखा गया है.
इन झड़पों के बीच 9 जून को 50 साल के मोहम्मद अख्तर, जो ब्रिटेन के पीटरबरो के रहने वाले थे, की गोली लगने से मौत हो गई. वहीं नॉटिंघम के 38 वर्षीय वकास आरिफ 5 जून से मीरपुर में पाकिस्तानी पुलिस की हिरासत में हैं. ये घटनाएं अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा रही हैं.
ब्रिटिश नागरिक मोहम्मद अख्तर के परिवार का कहना है कि वह किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं थे, लेकिन उनके घर के पास चल रहे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की फायरिंग में उन्हें गोली लगी.
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अख्तर के चचेरे भाई मोहम्मद साद ने कहा कि उस दिन सुरक्षा बलों की तरफ से गोलीबारी हो रही थी और अख्तर उसके शिकार हो गए. उनके सीने के पास गोली लगी थी.
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