रूस की सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूक्रेन में क्रेमलिन की सैन्य कार्रवाई का विरोध करने वाली एकमात्र पार्टी को अगले महीने होने वाले संसदीय चुनाव के मतपत्र से हटाने का आदेश दिया. रूस की सुप्रीम कोर्ट ने यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई का विरोध करने वाली याब्लोको पार्टी का चुनावी पंजीकरण रद्द कर दिया. एक समय संसद में एक प्रमुख उदारवादी आवाज और अक्सर सरकार की आलोचना करने वाली पार्टी के रूप में ‘याब्लोको’ जानी जाती थी.

रूस में अगले महीने होने वाले संसदीय चुनाव के लिए विपक्षी पार्टी ‘याब्लोको’ का सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. जिसे लेकर दबीं जबान में कहा जा रहा है कि क्या रूस में विरोधयों को दबाने की कोशिश की जा रही है.

क्रेमलिन समर्थक पार्टी की अपील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी पार्टी याब्लोको का पंजीकरण रद्द कर दिया, जिसे पिछले महीने, केंद्रीय चुनाव आयोग ने 10 अन्य पार्टियों के साथ चुनाव में भाग लेने की अनुमति दी थी. पार्टी ने फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है। याब्लोको को लेकर रूस में समर्थन बढ़ने के दावे भी सामने आए हैं.

याब्लोको पिछले कुछ वर्षों में यह यूक्रेन में रूसी सैन्य कार्रवाई का खुलकर विरोध करने वाली इकलौती पंजीकृत विपक्षी पार्टी थी. याब्लोको ने अपने चुनावी अभियान में युद्धविराम, कूटनीति और शांति की बात को प्रमुखता दी थी.

राजनीतिज्ञ ग्रिगोरी यावलिंस्की याब्लोको की सह-स्थापना की थी और इसकी राजनीतिक समिति के अध्यक्ष हैं. जिन्होंने 1990 के दशक में इस पार्टी की सह-स्थापना की थी. अध्यक्ष ग्रिगोरी याव्लिंस्की ने अदालत के फैसले की आलोचना करते हुआ कहा कि याब्लोको को चुनाव से बाहर करना उन लोगों से संवाद से इनकार करने जैसा है, जो सरकार से असहज सवाल पूछते हैं.

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