कुंदन कुमार/​पटना। बिहार सरकार प्रदेश की जनता को बुनियादी सुविधाएं और सुशासन प्रदान करने के लिए लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में, राज्य भर में सरकार द्वारा सहयोग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है जहां आम नागरिकों की शिकायतों को सीधे सुना जा रहा है। इस पहल को लेकर बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विशेष आभार व्यक्त किया है।

​नीतीश कुमार के जन-सरोकार मॉडल को आगे बढ़ा रही सरकार

​मंत्री विजय चौधरी ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों का मूल विचार पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सरकार के मार्गदर्शक नीतीश कुमार का है। उन्होंने कहा कि नीतीश जी का हमेशा से यह दृष्टिकोण रहा है कि नौकरशाही को एसी कमरों से बाहर निकलकर गांव-गांव जाना चाहिए। अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे धरातल पर जाकर लोगों की समस्याओं को सुनें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
​मंत्री ने जोर देकर कहा कि आज सम्राट चौधरी उसी सफल फॉर्मूले को आगे बढ़ा रहे हैं। यह सरकार की कार्यशैली का एक अभिन्न हिस्सा है कि शासन की पहुंच अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक हो।

​सुविधाओं का लाभ सीधे जनता तक

​इस पहल के पीछे सरकार की मुख्य सोच यह है कि प्रदेश के किसी भी नागरिक को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। जब अधिकारी स्वयं जनता के द्वार पर उपस्थित होते हैं, तो न केवल शिकायतों का निवारण तेजी से होता है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचता है।
​विजय चौधरी ने कहा कि सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है। इन शिविरों के माध्यम से जो फीडबैक मिल रहा है, उससे प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार के नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार भविष्य में भी ऐसे जन-केंद्रित कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी। यह पहल न केवल शिकायतों को दूर कर रही है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास की खाई को भी पाट रही है।