कुंदन कुमार/पटना। बिहार में सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की विशेष शाखा (STF) ने बड़ी कामयाबी का दावा किया है। एसटीएफ के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) संजय कुमार सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य में अब नक्सली गतिविधियां लगभग समाप्त होने के कगार पर हैं। हालांकि, पुलिस की पैनी नजर अभी भी जमुई, लखीसराय, गया और औरंगाबाद जैसे चार संवेदनशील जिलों पर बनी हुई है, जहां छिटपुट गतिविधियों की आशंका रहती है।

​नक्सली का आत्मसमर्पण और सरकारी सहायता

​राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का असर जमीन पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में एक कुख्यात नक्सली ने पुलिस के सामने घुटने टेक दिए। आत्मसमर्पण के दौरान उसने पुलिस से लूटी गई ऑटोमेटिक बंदूकें और अन्य हथियार सौंपे। सरकार ने इस कदम की सराहना करते हुए मुख्यधारा में लौटने के प्रोत्साहन स्वरूप नक्सली के परिजनों को 13 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की है।

​हथियारों की बरामदगी और सफल रेस्क्यू

​1 जनवरी 2026 से अब तक चलाए गए विशेष अभियानों के आंकड़ों को साझा करते हुए DIG ने बताया कि एसटीएफ ने भारी मात्रा में अवैध असलहे बरामद किए हैं। इनमें AK-47, इंसास राइफल, पिस्टल और लगभग 1600 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एसटीएफ ने तत्परता दिखाते हुए अपहरण के मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है और अब तक 6 अपहृत व्यक्तियों को सकुशल बरामद किया है।

​भू-माफियाओं के खिलाफ ‘विशेष’ स्ट्राइक

​नक्सलियों के साथ-साथ अब एसटीएफ का अगला बड़ा टारगेट ‘भू-माफिया’ हैं। बिहार के प्रमुख महानगरों जैसे पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में जमीन कब्जाने वाले गिरोहों पर विशेष कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस इन जिलों में सक्रिय भू-माफियाओं की सूची तैयार कर उन पर नकेल कस रही है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।