पटना। बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने एक बहुप्रतीक्षित और सुखद समाचार जारी किया है। राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही स्थानांतरण की मांग को पूरा करते हुए, विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के अंतर्गत, यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाएगी।

​कब और कैसे करें आवेदन?

​शिक्षा विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार शिक्षकों के लिए स्थानांतरण पोर्टल 29 जुलाई 2026 को लाइव कर दिया जाएगा। पात्र शिक्षक 5 अगस्त 2026 तक अपनी पसंद और श्रेणी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करने के लिए स्वतंत्र होंगे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पूर्व में किए गए वादे के अनुसार जुलाई माह में ही इस प्रक्रिया को धरातल पर उतार दिया है।

​तीन चरणों में पूरी होगी स्थानांतरण प्रक्रिया

​विभाग ने इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए इसे तीन स्पष्ट चरणों में विभाजित किया है:

  • ​प्रथम चरण (समायोजन और पारस्परिक स्थानांतरण): 29 जुलाई से 5 अगस्त तक आवेदन की प्रक्रिया चलेगी। इसके पश्चात, 7 अगस्त से 9 सितंबर तक समायोजन और समानुपातीकरण की कार्रवाई पूरी की जाएगी। इस अवधि में रिक्तियों की सूची का प्रकाशन, प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई और उनका निष्पादन किया जाएगा।
  • ​द्वितीय चरण (पारस्परिक स्थानांतरण): 10 सितंबर से 14 सितंबर तक जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समिति द्वारा पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया को संपन्न किया जाएगा।
  • ​तृतीय चरण (सामान्य स्थानांतरण): यह अंतिम चरण है। 16 सितंबर को विद्यालयवार संशोधित रिक्तियों की सूची जारी होगी। शिक्षक 17 सितंबर से 23 सितंबर तक अपनी पसंद के विद्यालयों का चयन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच सामान्य स्थानांतरण सूची जारी की जाएगी, साथ ही अपील और उसके निष्पादन का कार्य भी इसी अवधि में पूरा होगा।

​विभाग का निर्देश

​शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समितियां इस निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगी। यह पहल न केवल शिक्षकों की सुविधा के लिए है, बल्कि शैक्षणिक व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन लाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।