कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधानसभा विस्तारित भवन में आज सदस्यों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेनिंग प्रोग्राम की औपचारिक शुरुआत की गई। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आधुनिक तकनीक की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यदि हम एआई का उपयोग नहीं करते हैं, तो हम दुनिया और अपने क्षेत्र दोनों से पीछे छूट जाएंगे।

​AI से चंद मिनटों में बूथ स्तर की समस्याओं का समाधान

​मुख्यमंत्री ने जनप्रतनिधियों को तकनीक अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि अकेले एक साथ 400 बूथों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। लेकिन यदि आप AI से जुड़ जाते हैं, तो महज 5 मिनट के भीतर यह पता लगाया जा सकता है कि किस बूथ पर लोगों की क्या चिंताएं और समस्याएं हैं।

​बिहार में AI यूनिवर्सिटी और तकनीकी प्रगति

​भागलपुर में 211 डिग्री कॉलेजों की शुरुआत का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उसी दिन उन्होंने AI यूनिवर्सिटी बनाने की बात कही थी, जिसे दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा पास करके महामहिम राज्यपाल के पास भेज दिया गया है। बिहार अपनी ताकत और टेक्नोलॉजी के दम पर लगातार आगे बढ़ रहा है।

​सरकारी विभागों और निर्माण कार्यों में बचत

​मंत्री और विधायक अपने विभागों तथा क्षेत्रों में एआई का प्रभावी उपयोग कैसे करें, इस पर चर्चा करते हुए उन्होंने भवन निर्माण विभाग का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि विभाग में AI के प्रयोग से बने नक्शों की जांच के बाद 5 से 7 प्रतिशत तक पैसों की बचत शुरू हो गई है। बिहार का रेवेन्यू करीब 70,000 करोड़ रुपये के आसपास है, और इस तरह धन की बचत होने से नई योजनाओं को तुरंत स्वीकृत करना आसान हो जाता है।

डिजिटल व्यवस्था और मॉनिटरिंग

वर्ष 2014 में ट्रैफिक लाइट व्यवस्था की शुरुआत और मेट्रो की परिकल्पना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज डिजिटल सर्वे हो रहा है और किसानों के डिजिटल आई कार्ड बनाए जा रहे हैं ताकि किसी भी दिक्कत का तुरंत पता चल सके। योजना विकास विभाग द्वारा गांवों में मौसम केंद्र बनाए जाने से अब मौसम के सारे अनुमान सटीक साबित हो रहे हैं।

​सहयोगियों और स्टाफ के लिए सख्त निर्देश

​मुख्यमंत्री ने विधायकों को निर्देश देते हुए कहा कि वे खुद तो ट्रेनिंग लें ही, साथ ही अपने स्टाफ को भी अनिवार्य रूप से प्रशिक्षित कराएं। यदि कोई स्टाफ विधायक से कम जानता है, तो उसे हटा देना चाहिए क्योंकि हमारे सहयोगी और सरकारी पदाधिकारी हमसे ज्यादा तेज और तकनीक में दक्ष होने चाहिए।