विजय कुमार, ​जमुई। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि बिहार के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जमुई परिसदन में एक प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि गंगा नदी बिहार से एक लंबी दूरी तय करती है और राज्य की एक बड़ी आबादी कृषि, सिंचाई और पेयजल के लिए इस पर निर्भर है। बिहार में बाढ़ और जल संकट की दोहरी समस्याओं को देखते हुए जल संधि के प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है ताकि राज्य के हितों की मुकम्मल रक्षा हो सके। स्थानीय राजनीति से जुड़े सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय व्यस्तता के कारण वह इस पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि बिना पूरी जानकारी के किसी विषय पर बोलना उचित नहीं है।

​आरक्षण नीति और सामाजिक न्याय

​आरक्षण के मुद्दे पर सरकार और दल का रुख पूरी तरह से स्पष्ट है। जब तक वंचित और पिछड़े समाज के तबके मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ जाते, तब तक आरक्षण मिलना जारी रहना चाहिए। जननायक कर्पूरी ठाकुर की व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के लिए श्रेणीवार आरक्षण तय किया गया था ताकि जरूरतमंदों को उचित अनुपात में लाभ मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा को सामाजिक विकास का सबसे सशक्त माध्यम बताया, जिसके जरिए समाज का हर वर्ग तरक्की की राह पर आगे बढ़ सकता है।

​पंचायती राज विभाग की समीक्षा और निर्देश

​मंत्री ने जमुई में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने पंचायतों की भूमि और संपत्तियों के बेहतर रखरखाव, अतिक्रमण हटाने तथा विकास योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें, पंचायत कार्यालयों का निरीक्षण करें और अभिलेखों को दुरुस्त रखें। आम नागरिकों की शिकायतों पर तुरंत और संवेदनशील कार्रवाई करने की ताकीद भी की गई है।

​स्ट्रीट लाइट और पंचायत भवनों पर स्थिति स्पष्ट

​जिले में लगभग 10 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की बात सामने आने पर उन्होंने संबंधित एजेंसियों को तय समयसीमा के भीतर मरम्मत कराने का आदेश दिया। लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों की गारंटी राशि जब्त करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है ताकि भविष्य में वे बिहार सरकार के साथ काम न कर सकें। इसके अलावा, पंचायत सरकार भवनों में दीवारों पर दिखने वाली मामूली दरारों को तकनीकी रूप से सामान्य प्रक्रिया बताया गया, जिसे समय रहते ठीक करा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आगामी भवनों के निर्माण में मूर्तियों की स्थापना के लिए पहले से ही उचित प्रावधान सुनिश्चित किए जाएंगे।