Weather update: बिहार में मानसून का दोहरा चेहरा देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर बिहार के जिले भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, वहीं दक्षिण बिहार के कई इलाके सूखे की मार झेल रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया है।
8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने 16 और 17 जुलाई के लिए राज्य के आठ जिलों में विशेष चेतावनी जारी की है। किशनगंज, कटिहार, पश्चिम चंपारण और अररिया में भारी बारिश की प्रबल संभावना है, जिसे लेकर ‘रेड अलर्ट’ जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और सुपौल में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। वहीं, राजधानी पटना सहित दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है।
आकाशीय बिजली का तांडव
मानसून की अनिश्चितता के बीच आकाशीय बिजली (वज्रपात) ने राज्य में तीन लोगों की जान ले ली है। बुधवार को गयाजी में स्कूल जा रहे तीन छात्रों पर बिजली गिरी, जिसमें एक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इसी तरह, समस्तीपुर के सरायरंजन प्रखंड में भी बिजली गिरने से एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई और एक बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया।
सूखा और बाढ़ का असंतुलन
बिहार में मानसून की रफ्तार बेहद धीमी है। आंकड़ों के अनुसार, 14 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे दक्षिण बिहार के किसानों की चिंता बढ़ गई है। इसके विपरीत, उत्तर बिहार में नेपाल से आ रहे पानी ने संकट पैदा कर दिया है। कोसी, गंडक और कमला नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 1,75,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
बीते 24 घंटे का हाल
बुधवार को पटना, बेगूसराय, सीतामढ़ी और पूर्णिया जैसे कई जिलों में तेज बारिश हुई। तापमान की बात करें तो कैमूर 37.3 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जिला रहा, जबकि पटना का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गंगा नदी के जलस्तर में भी अब धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

