​पटना: बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के सभी 38 जिलों के लिए आंधी, तूफान और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए सूबे के 16 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और शेष 22 जिलों में ‘यलो अलर्ट’ घोषित किया गया है। इस दौरान पूरे राज्य में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

​16 और 17 मई को भारी तबाही की आशंका

​मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 16 मई की सुबह से लेकर 17 मई की सुबह तक का समय बेहद संवेदनशील है। इस 24 घंटे की अवधि में तेज कड़क के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की प्रबल आशंका है। बीते शुक्रवार की शाम नवादा के रजौली अनुमंडल में अचानक आए मौसम परिवर्तन ने भारी तबाही मचाई। वहां तेज अंधड़ के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई, जिससे कई घरों पर पेड़ गिर गए, सड़कें जाम हो गईं और किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।

​प्री-मानसून की सक्रियता और मानसून का नया शेड्यूल

​मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी और स्थानीय वायुमंडलीय बदलावों के कारण उत्तर-पूर्व बिहार में प्री-मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस बार बिहार वासियों के लिए एक राहत भरी खबर यह है कि मानसून अपने तय समय (12 से 15 जून) से करीब 4 दिन पहले, यानी 8 से 10 जून के बीच ही राज्य में प्रवेश कर सकता है। केरल में भी इस साल मानसून निर्धारित समय से 5 दिन पहले, यानी 26 मई को दस्तक दे रहा है।

​राजधानी पटना में आगामी 4 दिनों का तापमान

​16 मई: आसमान में हल्के बादल रहेंगे। अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 26°C रहने के आसार हैं।
​17 मई: पारे में मामूली बढ़त होगी। अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम 27°C तक जा सकता है।
​18 मई: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम 27°C दर्ज होने की उम्मीद है।
​19 मई: गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। अधिकतम तापमान गिरकर 38°C और न्यूनतम 26°C पर आ जाएगा।

​आपदा से बचाव के लिए मौसम विभाग की गाइडलाइन

​मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता के लिए जरूरी चेतावनी जारी की है। लोगों को खराब मौसम में बेवजह घरों से बाहर न निकलने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है। खेतों में काम कर रहे किसानों को तुरंत सुरक्षित पक्के मकानों में जाने और अपनी कटी हुई फसलों को ढकने को कहा गया है। वज्रपात के समय टीवी, फ्रिज जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग मुख्य बोर्ड से निकाल देना सुरक्षित रहेगा।