Weather update: बिहार में अगले दो दिनों तक मानसून की सक्रियता कम रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। प्रदेश में फिलहाल मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है।
इन जिलों में बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, आज रोहतास, औरंगाबाद, गया और नालंदा के कुछ क्षेत्रों में स्थानीय प्रभाव के कारण 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि इसे लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। राज्य के अन्य हिस्सों में बादल आते-जाते रहेंगे, लेकिन व्यापक बारिश नहीं होगी।
नेपाल की बारिश से बढ़ी चिंता
बिहार में मानसून की सुस्ती के बावजूद राज्य के उत्तरी हिस्सों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियां उफान पर हैं। कोसी बराज से आज सुबह 1.53 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है, जिससे तटीय इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं। बगहा के सिसई और चिउरही पंचायत के लगभग 300 परिवार विस्थापित होकर सड़क किनारे तंबू में रहने को मजबूर हैं।
मानसून में क्यों है सुस्ती?
राज्य में झमाझम बारिश न होने का मुख्य कारण मानसून की ट्रफ लाइन का बिहार से दूर होना है। साथ ही बंगाल की खाड़ी में किसी मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम (निम्न दबाव का क्षेत्र) का अभाव है। इस कारण प्रदेश में व्यापक बारिश की स्थितियां नहीं बन पा रही हैं। फिलहाल केवल स्थानीय स्तर पर नमी और धूप के कारण बादल बन रहे हैं जो छिटपुट बारिश का कारण बन रहे हैं।
पटना और आगामी सप्ताह का पूर्वानुमान
राजधानी पटना में शुक्रवार को आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 27°C के आसपास रहने की संभावना है। दिन भर उमस का असर बना रहेगा जिससे लोगों को पसीने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
आगामी एक सप्ताह तक मौसम का यही रुख रहने के आसार हैं। अधिकांश जिलों में छिटपुट बारिश और हवा चलने का सिलसिला जारी रहेगा। सप्ताह के अंत तक कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियों में मामूली वृद्धि हो सकती है। तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना कम है, लेकिन नमी के कारण उमस बरकरार रहेगी।

