बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने लो प्रेशर (निम्न दबाव) क्षेत्र के सक्रिय होने से पूर्वी भारत के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसका सीधा असर अगले 48 घंटों के दौरान बिहार में भी देखने को मिलेगा, जिससे राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

​मौसम विभाग का अलर्ट और जिलों की स्थिति

​मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 24 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, राजधानी पटना समेत 14 जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है।

  • ​19 अगस्त: आरा, अररिया, औरंगाबाद, भागलपुर, बोधगया, बक्सर, छपरा, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, हाजीपुर, कटिहार, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और नालंदा में बारिश के आसार हैं। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
  • ​20 अगस्त: दक्षिण बिहार के प्रमुख जिलों—पटना, नालंदा, गया, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, आरा और बक्सर में भारी बारिश की संभावना है। आसमान में घने काले बादल छाए रहने के साथ-साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है।
  • ​21 अगस्त: बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और आंधी-तूफान व वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है, हालांकि इस दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट नहीं रहेगा।

​बारिश की मौजूदा स्थिति और राजधानी का हाल

​राज्य में मानसूनी सीजन की शुरुआत से ही बारिश की कमी बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, बिहार में अब तक सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य में सामान्य तौर पर अब तक 687.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इसके मुकाबले केवल 387.7 मिमी वर्षा ही रिकॉर्ड की गई है।
​बीते 24 घंटों के दौरान मौसम में बदलाव साफ दिखा। राजधानी पटना में महज 40 मिनट की तेज बारिश से कई इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति बन गई। करबिगहिया क्षेत्र में सड़क पर करीब 3 फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा गया, जमुई, बेतिया, पूर्णिया, सुपौल, कटिहार, खगड़िया, मधेपुरा और किशनगंज में भी बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली, हालांकि खगड़िया की कई गलियों में भी पानी भर गया।

​बारिश तेज होने के मुख्य कारण

​मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के दो मुख्य कारण हैं:

  • ​बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी: खाड़ी के ऊपर बने लो प्रेशर सिस्टम और मानसून ट्रफ की वजह से लगातार नमीयुक्त हवाएं आ रही हैं।
  • ​सक्रिय मानसूनी सिस्टम: इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है, जिससे राज्य के बड़े हिस्से में बारिश का अनुकूल माहौल बन गया है।