Weather update: बिहार के मौसम में इन दिनों विरोधाभासी स्थिति देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां सीमांचल और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मानसूनी सक्रियता से जनजीवन प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम बिहार अब भी भीषण गर्मी की चपेट में है। मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के 7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है।
सामान्य से 170% अधिक वर्षा दर्ज
इस वर्ष बिहार में प्री-मानसून की सक्रियता ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 115.9mm बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत से 170% अधिक है। विशेष रूप से पूर्णिया के कृत्यानंद नगर में रिकॉर्ड 115mm बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बनमनखी (68.2mm), कटिहार (68mm) और कसबा (62.6mm) जैसे इलाकों में भी झमाझम बारिश हुई है। भारी वर्षा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और सड़कों पर जलजमाव हो गया है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है।
कहीं राहत की फुहार, कहीं उमस की मार
राजधानी पटना समेत प्रदेश के 31 जिलों में मौसम मिला-जुला बना हुआ है। पटना में बुधवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है, लेकिन उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा है। इसके विपरीत, कैमूर जिला भीषण गर्मी की चपेट में है। भभुआ 40.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय वायुमंडलीय दबाव के कारण उत्तर-पूर्वी बिहार में बारिश हो रही है, जबकि दक्षिण-पश्चिम के जिलों में शुष्क हवाओं के कारण गर्मी का असर बरकरार है।
अगले 48 घंटे के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात (बिजली गिरना) की चेतावनी जारी की है। उत्तर बिहार के कुछ जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
सुरक्षा के लिए विभाग की सलाह
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषकर किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को सलाह दी गई है कि वे बादलों की गर्जना होने पर ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले खेतों से दूर हट जाएं। बच्चों को भी जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की हिदायत दी गई है। सुरक्षित रहने के लिए पक्के मकानों में शरण लेना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

