Weather update: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम विभाग ने आज, शुक्रवार को राज्य के 19 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की प्रबल संभावना है। दोपहर के बाद हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने के आसार हैं।
कैमूर रहा सबसे गर्म, उमस से हाल बेहाल
बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो कैमूर (भभुआ) 41.1 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया। राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के जिलों में कड़ी धूप और उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। हालांकि, बगहा जैसे इलाकों में बादलों की आवाजाही देखी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण उत्तर-पूर्व बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं।
इन जिलों में दिखेगा गर्मी और आंधी का असर
मौसम विभाग ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, नवादा, बेगूसराय, शेखपुरा और लखीसराय में तेज धूप और उमस का पूर्वानुमान जताया है। आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) अधिक होने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होगी। अगले कुछ दिनों में अधिकतम पारा 38 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
पटना का 4 दिवसीय मौसम पूर्वानुमान
- 15 मई: आसमान साफ रहेगा, दोपहर बाद हल्के बादल दिख सकते हैं। अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम 24°C रहने का अनुमान है।
- 16 मई: मौसम में बदलाव की संभावना है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
- 17 मई: मौसम पुनः शुष्क होगा। लू जैसी स्थिति बन सकती है और तापमान 38°C तक जा सकता है।
- 18 मई: आंशिक बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश के आसार कम हैं। उमस में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
सुरक्षा निर्देश और किसानों के लिए सलाह
वज्रपात के खतरों को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। खुले मैदान में मोबाइल का उपयोग न करें और बिजली के खंभों व पेड़ों से दूर रहें।
किसानों के लिए जरूरी:
- कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।
- आम और लीची के बागानों में तेज हवा से होने वाले नुकसान के प्रति सतर्क रहें।
- खेतों की सिंचाई केवल सुबह या शाम के वक्त ही करें ताकि तेज धूप से फसल झुलसे नहीं।
- खराब मौसम के दौरान किसानों और मजदूरों को सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी गई है।

