अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस थाने से जबरन अपने साथी को छुड़ाने के गंभीर आरोपों में घिरे मजीठिया पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अमृतसर पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए 12 विशेष टीमों का गठन किया है, जो पंजाब और चंडीगढ़ में लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस बीच, मजीठिया के देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला ?

पुलिस के अनुसार, रविवार (31 मई) को अमृतसर के मजीठा पुलिस स्टेशन से एक आरोपी को जबरन छुड़ाने के आरोप में बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी को एक सोची-समझी साजिश के तहत थाने से भगाया गया।

मामला दर्ज होने के बाद सोमवार को पुलिस ने मजीठिया की तलाश में अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू स्थित आवास, चंडीगढ़ के एमएलए हॉस्टल समेत करीब छह से ज्यादा ठिकानों पर सघन तलाशी ली, लेकिन वे पुलिस के हाथ नहीं आए।

अकाली दल पहुंचा हाई कोर्ट, आज होगी सुनवाई
इस पूरी कार्रवाई के बीच अकाली दल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मजीठिया की ओर से दायर याचिका पर आज (मंगलवार) हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है।

हाई कोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने सुनवाई से पहले पंजाब के डीजीपी, अमृतसर के एसएसपी और मजीठा थाने के एसएचओ से जवाब तलब किया है। फिलहाल, लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद मजीठिया देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। अब सभी की नजरें आज हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।