वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तारबाहर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” संचालित करने वाले तीन आरोपियों को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों को कमीशन के बदले साइबर गिरोहों को उपलब्ध कराते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवनीत मिश्रा उर्फ विक्की पंडित, ऋषभ साहू और राजा घरानी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी तकनीकी जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क साइबर अपराधियों के लिए “स्लीपर सेल” की तरह काम कर रहा था। आरोपी सामान्य लोगों के बैंक खाते कमीशन के एवज में लेकर उन्हें साइबर ठगी करने वाले गिरोहों तक पहुंचाते थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में ठगी की रकम ट्रांसफर करने और नकदी निकालने के लिए किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सएप और मोबाइल फोन के जरिए बैंक खातों की जानकारी एक-दूसरे से साझा करते थे। पुलिस को अब तक ऐसे बैंक खातों की जानकारी मिली है, जो देशभर में दर्ज 60 से अधिक साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़े हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की रकम का लेनदेन हुआ है।
पुलिस ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी दीपेश गुप्ता से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हुआ। उसके मोबाइल और अन्य डिजिटल डाटा की जांच के दौरान कई संदिग्ध बैंक खातों और संपर्कों की जानकारी मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर से तीनों आरोपियों को पकड़ा गया।
फिलहाल पुलिस आरोपियों और उनके नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों की विस्तृत जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस सिंडिकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। तारबाहर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H

