Bilaspur News Update : बिलासपुर. रक्षाबंधन की रात दो लोगों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते गुटों के टकराव और पथराव में बदल गया. घटना में कुछ लोगों को पत्थर लगे. सूचना मिलते ही पुलिस रात में ही सक्रिय हो गई. एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस ने ड्रोन कैमरों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से घटना में शामिल संदिग्धों की पहचान शुरू की. अब तक तीन चरणों में कुल 29 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पहले चरण में पुलिस ने दंगा फसाद, पथराव और विभिन्न धाराओं में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनमें मौला बख्श, शेख अजरुद्दीन, मोहम्मद जाहिद, शफीक अहमद, शकील उर्फ सोनू, मोहम्मद लाइक, रेहान अली उर्फ इरानी, मुहम्मद जुनैद, शेर खान, मो. अजहर कुरैशी, विजेद्र अनंत, अब्दुल रज्जाक, अरबाज खान, सोहेल खान, नुमान अली, शेख सुल्तान, मोहम्मद मुस्तकीन, राजू यादव उर्फ नान, राकेश यादव और छत्रपाल साहू शामिल हैं. दूसरे चरण में पुलिस ने अक्षय सिंह, अभय शर्मा, मोहनीश गोस्वामी और सतानंद साहू को गिरफ्तार किया. इन चारों को पुलिस ने जुलूस के रूप में सड़क पर ले जाकर कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की. कार्रवाई के तीसरे चरण में आज पुलिस ने आज सन्नी ध्रुव 18 साल, दुर्गेश पुरी गोस्वामी 19 साल, अभिजित नेताम 19 साल, करण कश्यप उर्फ बडू 23 साल, कन्हैया मरावी 19 साल सभी निवासी तिफरा कुंदरापारा के रहने वाले है. वहीं पुलिस की तीन चरणों में हुई कार्रवाई में अब तक 29 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. आज पांच आरोपियों को खुले सड़क पर जुलूस के रूप में ले जाने के बाद अब पुलिस की जांच का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव रामसिंह की गिरफ्तारी है.
शासकीय भूमि पर बना अवैध निर्माण धराशायी
बिलासपुर. नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर नगर निगम द्वारा शासकीय भूमि पर किए जा रहे अवैध अतिक्रमण एवं निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में आज सतबहिनया मंदिर, बंधवापारा के पास शासकीय भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण को नगर निगम के जोन क्रमांक 8 एवं अतिक्रमण शाखा की संयुक्त टीम द्वारा तोड़ने की कार्रवाई की गई. सतबहिनया मंदिर बंधवापारा निवासी रंजीत कश्यप द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा था. उक्त मामले में नगर निगम द्वारा संबंधित व्यक्ति को पूर्व में तीन नोटिस जारी कर निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने एवं नोटिस का प्रत्यूत्तर देने के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति द्वारा न तो आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए और न ही नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब दिया गया. निर्धारित प्रक्रिया के तहत पर्याप्त अवसर दिए जाने के बाद भी दस्तावेज एवं प्रत्यूत्तर प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आज नगर निगम की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर शासकीय भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर अतिक्रमण हटाने की कारर्वाई की गई. नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने स्पष्ट किया है कि शहर में शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा बिना अनुमति निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासकीय भूमि एवं निगम की संपत्तियों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कारर्वाई सुनिश्चित की जाए. नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण अथवा अवैध निर्माण न करें. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि से मां महामाया की भूमि आना मेरा सौभाग्य – जस्टिस महापात्र
बिलासपुर. हाईकोर्ट में प्रभार लेने के बाद आज शाम अपने सम्मान में हुए ओवेशन को सम्बोधित करते हुए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने कहा कि उनके प्रति व्यक्त किए गए शब्दों को वे केवल प्रशंसा के रूप में स्वीकार नहीं करते, बल्कि एक जिम्मेदारी तथा उस स्नेह और विश्वास की अभिव्यक्ति के रूप में स्वीकार करते हैं, जिसके साथ उनका इस संस्था में स्वागत किया गया है. उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा करने का अवसर उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है, क्योंकि वे भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा से मां महामाया की पवित्र भूमि छत्तीसगढ़ आए हैं. जस्टिस महापात्र ने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच केवल सीमा साझा करने का संबंध नहीं है, बल्कि दोनों की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन में अनेक समानताएं हैं. महानदी दोनों राज्यों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है. पड़ोसी राज्य होने के कारण यहां आना उनके लिए किसी अपरिचित स्थान पर आने जैसा नहीं है. ओवेशन में जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू, जस्टिस एन. के. व्यास जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, जस्टिस राकेश मोहन पांडे,, एन के चंद्रवंशी जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल, जस्टिस बिभू दत्त गुरु, जस्टिस संजय कुमार जायसवाल, जस्टिस ए के प्रसद्द सहित सभी न्यायमूर्ति व नय्यैक अधिकारी अधिवक्ता उपस्थित रहे.
वायरल फीवर का कहर
रायगढ़. जिले में वायरल बुखार ने अपना रूप बदल लिया है और इसके साथ ही शहर से लेकर गांव तक हर घर में लोग इसकी चपेट में हैं. जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज करीब 100 से अधिक मरीज बुखार, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ती जा रही है. जिस कारण वार्डों में बिस्तर कम पड़ रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक इस बार वायरस का व्यवहार पहले जैसा नहीं रहा. सामान्य वायरल बुखार जो पहले चार से पांच दिन में अपने आप उतर जाता था, अब दस दिन बीतने के बाद भी मरीजों का पीछा नहीं छोड़ रहा. बुखार बार-बार लौट आता है, शरीर में दर्द लंबे समय तक बना रहता है और मरीज हफ्तों तक कमजोरी से जूझते रहते हैं. यही वजह है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. इस वायरल के साथ सबसे डरवाना पहलू यह सामने आ रहा है कि कई मरीजों का प्लेटलेट काउंट तेजी से गिर रहा है. सामान्य बुखार में प्लेटलेट पर इतना असर नहीं देखा जाता, लेकिन इस बार मरीजों की रिपोर्ट में यह गिरावट डेंगू जैसे लक्षणों की याद दिला रही है. इससे परिजनों के साथ-साथ अस्पताल प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि प्लेटलेट कम होने पर मरीज की जान को खतरा बना रहता है. रोजाना बढ़ती मरीजों की संख्या ने जिला अस्पताल के संसाधनों पर सीधा दबाव डाला है. वार्डों में जगह की कमी, जांच के लिए लंबा इंतजार और स्टाफ पर बढ़ते बोझ के कारण कई परिवार निजी क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को मजबूर हो रहे हैं, क्योंकि सरकारी अस्पताल में भीड़ के चलते इलाज में देरी हो रही है. शहर के कई मोहल्लों की स्थिति यह है कि एक ही परिवार में दो-तीन सदस्य एक साथ बुखार की चपेट में हैं. बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा गंभीर देखा जा रहा है, जिससे अभिभावकों में डर का माहौल बना हुआ है. बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी बीमारी की चर्चा आम हो गई है. चिकित्सकों के अनुसार वायरस के म्यूटेट होने के कारण इसकी प्रकृति बदल गई है, जिसके चलते पुराने इलाज के तरीके और दवाइयां उतनी असरदार साबित नहीं हो पा रहीं. यही कारण है कि मरीजों को ठीक होने में सामान्य से कहीं ज्यादा वक्त लग रहा है और कई मामलों में जटिलताएं भी सामने आ रही हैं. जिला अस्पताल रायगढ़ के सिविल सर्जन दिनेश पटेल ने बताया कि वायरल फीवर अपना सायकल पूरा करता है. बुखार के कारण शरीर की इम्युनिटी कमजोर पड़ जाती है, जिससे तबीयत में सुधार होने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है. वायरस की प्रकृति में बदलाव के कारण भी मरीजों को ठीक होने में लंबा वक्त लग रहा है. लोगों को सलाह है कि बुखार लगातार बना रहे या कमजोरी ज्यादा महसूस हो तो जांच कराने में देर न करें.
स्कूल में घुसकर छात्र पर चाकू से हमला, 3 नाबालिग पकड़ाए
रायगढ़. चक्रधरनगर स्थित सरकारी स्कूल में सोमवार दोपहर को मारपीट की घटना सामने आई है. लंच ब्रेक के समय 6 से 7 लड़के दीवार फांदकर स्कूल के अंदर घुस गए. उन्होंने 9वीं क्लास के 16 साल के एक छात्र को क्लास से बाहर बुलाया और चाकू जैसे हथियार से उस पर हमला कर दिया. इसके बाद वे वहां से भाग गए. हमले में छात्र को कमर के नीचे चोट आई है. इस हमले की मुख्य वजह एक लड़की से बातचीत का विवाद है. जिस छात्र को चाकू लगा है, वह हमला करने वालों के एक परिचित की बहन से बात करता था. इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने अपने दोस्तों को स्कूल बुलाया और इस घटना को अंजाम दिया. स्कूल से सूचना मिलते ही चक्रधरनगर थाने के प्रभारी राकेश मिश्रा अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज देखकर हमला करने वाले दोनों लड़कों की पहचान की और उन्हें पकड़ लिया. उनसे पूछताछ के बाद उनके एक और साथी को भी पकड़ा गया है. ये तीनों ही नाबालिग हैं और इन्होंने मारपीट की बात मान ली है. घायल छात्र का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत अभी ठीक है. स्कूल के प्रिंसिपल की शिकायत पर चक्रधरनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बाकी लड़कों की तलाश कर रही है.
दिल्ली घेराव के लिए सीटू ने कसी कमर
कोरबा. कोयला मजदूरों ने दिल्ली घेराव का बिगुल फूंक दिया है. सीटू ने 1, 2 और 3 दिसंबर को होने वाले दिल्ली घेराव के लिए कोयला क्षेत्रों से 815 साथियों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य तय किया है. कोरबा, हसदेव, सोहागपुर, जोहिला, भटगांव और बैकुंठपुर समेत तमाम कोयला क्षेत्रों में अब आंदोलन की जमीन तैयार होगी. संगठन ने 15 अक्टूबर से पहले दिल्ली जाने वाले साथियों के नाम राज्य केंद्र को भेजने और यात्रा टिकट समय से कराने के निर्देश दिए हैं. 6 सितंबर को कोयला श्रमिकसंघ सीटू के पदाधिकारी मंडल की आभासी बैठक आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता कामरेड देवेंद्र कुमार निराला ने की. बैठक में अखिल भारतीय सीटू के सचिव कॉमरेड प्रमोद प्रधान और छत्तीसगढ़ सीटू के महासचिव कॉमरेड एसएन बनर्जी भी शामिल हुए. बैठक में दिल्ली घेराव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और क्षेत्रवार कोटा निर्धारित किया गया. संगठन ने सभी क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर आंदोलन की तैयारियां तेज करने का फैसला लिया है. सीटू की ओर से तय लक्ष्य के अनुसार कोरबा से 75, कुसमुंडा से 60, गेवरा से 45 और दीपका से 30 साथी दिल्ली जाएंगे. वहीं भटगांव, बैकुंठपुर, हसदेव, सोहागपुर और जोहिला क्षेत्र से भी 75-75 साथियों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा गया है. बैठक में कोयला श्रमिक संघ सीटू के महासचिव वीएम मनोहर ने सभी साथियों को दिल्ली यात्रा की तैयारी समय से शुरू करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि दिल्ली जाने वाले साथियों के यात्रा टिकट समय से करा लिए जाएं, ताकि अंतिम समय में परेशानी न हो. संगठन ने यह भी निर्देश दिया है कि 15 अक्टूबर से पहले दिल्ली जाने वाले साथियों के नाम राज्य केंद्र को भेजे जाएं. इसके साथ ही सभी कोयला क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर दिल्ली घेराव की तैयारियां तत्काल शुरू करने का आह्वान किया गया है. सीटू की ओर से क्षेत्रवार लक्ष्य तय किए जाने के बाद अब संगठन की नजर जमीनी स्तर पर लामबंदी पर है. अलग-अलग कोयला क्षेत्रों से 815 साथियों को जुटाने का लक्ष्य बताता है कि दिसंबर में होने वाले दिल्ली घेराव को बड़े पैमाने पर आयोजित करने की तैयारी है.

10 को लगेगा रोजगार मेला
जांजगीर-चांपा. जिला रोजगार कार्यालय जांजगीर द्वारा शासकीय आईटीआई जांजगीर में गुरूवार 10 सितम्बर को प्रातः 11 से 3 बजे तक एक दिवसीय रोजगार मेला का आयोजन किया गया है. जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि जिसमें निजी क्षेत्र के 3 नियोजक उपस्थित रहेगें. कैरियर ट्री चेन्नई द्वारा ट्रेनी 150 पद, चैतन्य फाईनेंस इंडिया लिमिटेड रायगढ़ द्वारा कस्टमर रिलेशनशिप एक्जीक्टिव के 20 पद एवं भारतीय जीवन बीमा निगम नैला द्वरा बीमा सखी के 20 पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी. उक्त पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, बीई निर्धारित किया गया है. चयनित उम्मीदवारों का कार्यक्षेत्र जांजगीर, सक्ती, डभरा, व अन्य राज्य चेन्नई होगा. इच्छुक युवा जो उक्त रोजगार मेला में शामिल होना चाहते है वे अपना समस्त शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्रों तथा जिला रोजगार कार्यालय के रोजगार पंजीयन कार्ड के साथ निर्धारित तिथि को उपस्थित होकर रोजगार मेला में शामिल हो सकते है.
उपमुख्यमंत्री साव ने लोरमी को बड़ी सौगात
लोरमी. डिप्टी सीएम के प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए लोरमी में जल और मृदा संरक्षण के लिए कुल 3 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से 27 विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. पर्यावरण उपकार निधि के तहत स्वीकृत किए गए इन सभी विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य लोरमी क्षेत्र में गिरते जल स्तर को सुधारना और मिट्टी के कटाव को रोकना है. स्वीकृत कार्यों में नदियों और नालों के पानी को रोकने के लिए 16 नए चेक डैम का निर्माण किया जाएगा. आवागमन व सुरक्षा के दृष्टिकोण से ग्रामीण संपर्क को सुचारू बनाने के लिए 5 नई पुलियों और तटबंध सुरक्षा के लिए रिटेनिंग वॉल का निर्माण होगा. इस प्रकार क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 27 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं. इन विकास कार्यों के शुरू होने से न केवल स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिलेगा, बल्कि भू-जल स्तर में भी सुधार होगा. इसके अलावा बारिश के दिनों में जलभराव और मिट्टी के कटाव जैसी समस्याओं से भी ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी. स्थानीय निवासियों और किसानों ने इस निर्णय के लिए खुशी जताते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया है.
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