कुंदन कुमार, पटना। मधुबनी जिला परिषद की अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव आज रविवार (21,जून) को राजद की सदस्यता ग्रहण की। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव समेत पार्टी के कई नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

संघर्ष और आंदोलन के लिए तैयार- तेजस्वी

इस मौके पर तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि, बिहार बदलने के लिए एक साथ खड़े होने की आवश्यकता है। इन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, महंगाई, गिरती विधि व्यवस्था, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार तथा गरीबों के साथ हो रहने के खिलाफ मजबूती से संघर्ष और आंदोलन के लिए तैयार रहना है।

सामाजिक न्याय की धारा को मिलेगी मजबूती- बिंदु गुलाब

वहीं, राजद में शामिल हुई बिंदु गुलाब यादव ने कहा कि, लालू यादव के विचार और तेजस्वी यादव के संघर्ष और कार्यों से प्रभावित होकर वह राष्ट्रीय जनता दल से जुड़ी है और आने वाले समय में सामाजिक न्याय की धारा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में सामाजिक न्याय की राजनीति और अधिक मजबूत होगी तथा वंचित वर्गों की आवाज को प्रभावी मंच मिलेगा।

भेंट में मिली लालू की ‘गोपालगंज टू रायसीना’ पुस्तक

राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने राजद का सदस्यता रसीद देकर बिंदु गुलाब यादव को राजद की सदस्यता ग्रहण करवाई। और पार्टी का प्रतीक चिन्ह हरा गमछा, टोपी और लालु जी के संघर्ष और योगदान पर लिखी ‘गोपालगंज टू रायसीना’ पुस्तक देकर उन्हें सम्मानित किया गया।

VIP की रह चुकी हैं प्रत्याशी

बता दें कि बिंदु गुलाब यादव मधुबनी जिला परिषद की चेयरमैन हैं और पूर्व विधायक गुलाब यादव की बेटी हैं। बीते साल हुए विधानसभा चुनाव 2025 में मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी से उन्हें मधुबनी की बाबूबरही विधानसभा सीट प्रत्याशी बनाया गया था। हालांकि महागठबंधन के समीकरण को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपना नाम अंत समय में वापस लेना पड़ा था।

दिग्गजों को हराकर बनीं थी जिला परिषद सदस्य

पुणे यूनिवर्सिटी से एमबीए करने वाली बिंदु गुलाब यादव ने मात्र 29 साल की उम्र में राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने झंझारपुर प्रखंड के जिला परिषद क्षेत्र संख्या 49 से पहली बार चुनाव लड़ा और दिग्गजों को हराकर जिला परिषद सदस्य बनीं। इसके बाद वह मधुबनी जिला परिषद की चेयरमैन चुनी गईं, जिससे वह बिहार की सबसे कम उम्र की जिला परिषद अध्यक्ष बनीं। उनकी मां अंबिका यादव भी निर्दलीय एमएलसी रह चुकी हैं। वहीं, पिता गुलाब यादव भी राजद से पूर्व विधायक रह चुके हैं।

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