अजयारविंद नामदेव, शहडोल। जिले में संगठनात्मक राजनीति का एक बेहद अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां रसूखदार नेताओं का विरोध करना एक बीजेपी कार्यकर्ता को काफी भारी पड़ गया। नगर परिषद बकहो के रहने वाले भाजपा पार्षद पति और सक्रिय नेता सरोज यादव को पार्टी के एक नवगठित मोर्चे में सिर्फ 12 घंटे की उपाध्यक्षी नसीब हुई और सुबह होते ही उनका पत्ता साफ कर दिया गया। मामला बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला पदाधिकारियों की घोषणा से जुड़ा है।

पार्षद पति सरोज यादव का मामला

दरअसल शहडोल जिले के नगर परिषद बकहो के रहने वाले बीजेपी नेता और पार्षद पति सरोज यादव का नाम पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला पदाधिकारियों की सूची में शामिल किया गया था। 5 जुलाई की रात जारी 30 सदस्यीय सूची में सरोज यादव को तीसरे क्रम पर जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन सुबह होते ही संगठन की ओर से संशोधित सूची जारी हुई और उसमें सरोज यादव का नाम हटा दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि नई सूची में बाकी सभी नाम बरकरार रहे, जबकि 30 की जगह 29 पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी गई। इस बदलाव के बाद पार्टी के भीतर भी चर्चा का दौर शुरू हो गया है।

रसूखदार के खिलाफ आवाज उठाने की मिली सजा

सरोज यादव का आरोप है कि उन्होंने अपने वार्ड में एक ठेकेदार नेता द्वारा कराए जा रहे गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया था, इसके अलावा एक प्रभावशाली नेता से जुड़े बिजली पोल के मामले में भी उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी। यादव का दावा है कि रसूखदार नेताओं के हितों के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत उन्हें पद से हटाकर चुकानी पड़ी।

MP Weather Alert: कई जिलों में ‘जलप्रलय’ जैसे हालात! भिंड में बारिश का RED ALERT, अगले 3 दिन भारी, जानिए आपके शहर का हाल

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m