कर्ण मिश्रा, ग्वालियर/ ओरछा। एमपी के ओरछा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन संगठन के साथ साथ सियासत के बड़े मुद्दों पर भी मंथन हुआ। राजनीतिक प्रस्ताव में बुंदेलखंड के विकास, किसान कल्याण,औद्योगिक विस्तार के साथ महिला और युवाओं से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी गई। वहीं केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने विकास के बजाय राजनीतिक विरोध को प्राथमिकता दी और परियोजना को लेकर भ्रम फैलाने का काम किया।

भगवान रामराजा की नगरी ओरछा में हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में संगठन को मजबूत करने से लेकर सरकार के कामकाज और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रस्ताव में बुंदेलखंड के विकास, गरीब कल्याण, किसान हित, औद्योगिक विस्तार और महिला युवा वर्ग से जुड़े विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।

इस बैठक में सबसे ज्यादा राजनीतिक संदेश केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर सामने आया। भाजपा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड के विकास को नई दिशा मिल रही है। सिंचाई का विस्तार होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लगातार केन-बेतवा परियोजना का विरोध किया और इसे लेकर भ्रम फैलाने का काम किया। कांग्रेस ने विकास और जनहित के बजाय राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी।

कार्यसमिति में महिला और युवा वर्ग को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। भाजपा का फोकस आने वाले अभियानों के जरिए युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण और सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर है।पार्टी के मुताबिक आने वाले कार्यक्रमों में गरीब कल्याण, युवाओं के अवसर, स्वास्थ्य सुविधाओं और मध्यप्रदेश के समग्र विकास को प्रमुखता दी जाएगी, यानी भाजपा की नजर सिर्फ संगठन के विस्तार पर नहीं, बल्कि युवा वोटर्स और महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर भी है।

राजनीतिक प्रस्ताव में प्रमुख मुद्दे

* बुंदेलखंड का विकास
* केन-बेतवा लिंक परियोजना
* सिंचाई विस्तार
* किसान कल्याण
* औद्योगिक विस्तार
* महिला सशक्तिकरण
* युवाओं के लिए अवसर
* गरीब कल्याण

कार्यसमिति में बूथ और मंडल स्तर पर संगठन को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के संगठनात्मक कार्यों और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक राजनीतिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा और संगठन से जुड़े 13 कार्यक्रम चलाने की योजना पर भी मंथन हुआ। भाजपा इन कार्यक्रमों के जरिए केंद्र और राज्य सरकार के कामों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।

ओरछा में कार्यसमिति का आयोजन भी अपने आप में बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। भाजपा ने बुंदेलखंड को सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि गौरव, स्वाभिमान और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बताते हुए इसके विकास को अपनी प्राथमिकता बताया। वहीं जब बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने को लेकर सवाल पूछा गया तो राहुल कोठारी ने साफ कहा कि भाजपा बुंदेलखंड के विकास के लिए काम कर रही है और अलग राज्य का कोई प्रश्न ही नहीं है।

कुल मिलाकर ओरछा की बैठक से भाजपा ने संगठन के साथ अपनी राजनीतिक दिशा भी साफ करने की कोशिश की है। एक तरफ बुंदेलखंड के विकास और केन-बेतवा परियोजना को मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेरा गया, तो दूसरी तरफ महिला, युवा, किसान और गरीब कल्याण को आगे की राजनीतिक और सामाजिक रणनीति का हिस्सा बनाया गया।अब कार्यसमिति के दूसरे दिन इन प्रस्तावों और आगामी अभियानों को लेकर भाजपा की रणनीति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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