लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को तमिलनाडु के महाबलीपुरम पहुंचे, जहां उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी का उद्देश्य परिसीमन के जरिए तमिलनाडु के लोगों की राजनीतिक शक्ति को कमजोर करना और उनके अधिकारों को प्रभावित करना है।

उन्होंने कहा कि यह केवल निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन का मामला नहीं, बल्कि राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को प्रभावित करने की कोशिश है। राहुल गांधी ने इसे बीजेपी की “साजिश” बताते हुए कहा कि हर तमिल नागरिक और सभी राजनीतिक दलों को परिसीमन का विरोध करना चाहिए।

‘परिसीमन का समर्थन करना तमिलनाडु के साथ धोखा’

राहुल गांधी ने कहा कि जो भी बीजेपी द्वारा लाए जाने वाले परिसीमन कानून का समर्थन करेगा, वह तमिलनाडु और उसके भविष्य के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात करेगा। उन्होंने कहा कि इतिहास ऐसे लोगों को ’21वीं सदी का एट्टप्पन’ (विश्वासघाती) के रूप में याद रखेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि संसद में सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को मिलकर परिसीमन प्रस्ताव का विरोध करना चाहिए, ताकि तमिलनाडु के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा की जा सके।

NEET विवाद और छात्रों की मौत पर पीएम मोदी को घेरा

इससे पहले राहुल गांधी ने NEET परीक्षा विवाद और कथित पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके दर्द की भरपाई संभव नहीं है।

राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक, रद्द हुई परीक्षाएं और वर्षों की मेहनत एक पल में बर्बाद हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों से ईमानदारी की उम्मीद की जाती है, जबकि व्यवस्था खुद भ्रष्ट हो चुकी है।

पीएम मोदी से माफी की मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी उन परिवारों से मुलाकात की है, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है या उन छात्रों से, जिनके सपने पेपर लीक की वजह से टूट गए। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।

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