कुंदन कुमार/ पटना। विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में पटना के भिखना पहाड़ी स्थित डॉ. एजाज अली क्लिनिक में एक विशेष रक्तदान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रक्त की कमी को पूरा करना और युवाओं में रक्तदान के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना था। शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।

​’रक्त का कोई धर्म-जाति नहीं’

​इस अवसर पर मुख्य चिकित्सक डॉ. शहजाद अली ने रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा करार दिया। उन्होंने कहा रक्त का कोई धर्म, जाति या वर्ग नहीं होता। एक स्वैच्छिक रक्तदान किसी मरणासन्न व्यक्ति के लिए जीवन की नई किरण बन सकता है। डॉ. अली ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इस नेक कार्य में सबसे आगे आना चाहिए क्योंकि रक्तदान केवल जान बचाने का माध्यम नहीं बल्कि समाज के प्रति एक नैतिक दायित्व भी है।

​स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी

​डॉ. अली ने रक्तदान के चिकित्सीय लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित रक्तदान न केवल दूसरों की जान बचाता है, बल्कि यह रक्तदाता के स्वयं के स्वास्थ्य के लिए भी सकारात्मक परिणाम लाता है। शिविर के दौरान लगभग 50 स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों ने उत्साह के साथ रक्तदान कर एक मिसाल पेश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदान के बाद मिलने वाले प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसे घटक गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के उपचार में जीवन रक्षक साबित होते हैं।

​अत्याधुनिक सुविधाओं और आयुष्मान भारत का लाभ

​डॉ. शहजाद अली ने क्लिनिक के संस्थापक डॉ. एजाज अली के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि आज चिकित्सा जगत में सेवा भाव के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का मेल अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि उनके अस्पताल में अब आईसीयू, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, तथा आर्थोपेडिक्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हैं। डॉ. अली ने केंद्र सरकार की ‘आयुष्मान भारत’ योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना ने गरीब परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण इलाज को सुलभ बनाकर स्वास्थ्य चिंताओं को काफी कम किया है।
​अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नियमित रक्तदान करने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक सशक्त संदेश भी दे गया।