संजीत, बहादुरगढ़ (हरियाणा)। रोहतक की रहने वाली लापता महिला संध्या की मौत का मामला गहराता जा रहा है। बहादुरगढ़ के मंडोठी क्षेत्र (Mandothi Bahadurgarh) में महिला की लाश मिलने के बाद से इलाके में सनसनी फैली है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को तो सौंप दिया है, लेकिन यह हत्या है या आत्महत्या (Murder or Suicide Case), इस बात से अब तक पर्दा नहीं उठ पाया है। घटना को लेकर पुलिस की सुस्त जांच पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कपड़ों में लिपटा मिला था शव, 8 दिन बाद हुई शिनाख्त

जानकारी के मुताबिक, संध्या के परिजनों ने बीती 1 जून को रोहतक में उसकी गुमशुदगी (Missing Report in Rohtak) दर्ज कराई थी। इसके चार दिन बाद यानी 5 जून को मंडोठी-टांडा हेड़ी मार्ग के पास एक गड्ढे में कपड़ों में लिपटा हुआ महिला का शव बरामद हुआ। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी। इसके बाद 9 जून को सोशल मीडिया और हुलिए के आधार पर मृतका की पहचान संध्या के रूप में की गई।

इन उलझे सवालों के जवाब ढूंढने में नाकाम रही पुलिस

महिला की पहचान होने के बावजूद आसौदा थाना पुलिस (Asaudha Police Station Jhajjar) के पास अभी तक कई बुनियादी सवालों के जवाब नहीं हैं। इस मिस्ट्री ने पूरे केस को उलझा दिया है:

  • रोहतक से गायब हुई महिला झज्जर के मंडोठी गांव तक कैसे पहुंची?
  • क्या संध्या की मौत झज्जर में हुई या हत्या कर शव को यहां लाकर फेंका गया?
  • शव को कपड़ों में लपेटकर गड्ढे में क्यों छिपाया गया था?
  • मौत के आखिरी वक्त में संध्या किसके संपर्क में थी?

थाना प्रभारी का अजीब तर्क, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर

मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि आसौदा थाना प्रभारी ने इसे रूटीन कार्रवाई बताते हुए पल्ला झाड़ लिया कि मामला रोहतक पुलिस (Rohtak Police) से जुड़ा है। जबकि शव झज्जर पुलिस के इलाके में मिला और फोरेंसिक टीम (Forensic Team Investigation) ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे। पहचान होने के इतने दिन बाद भी पुलिस किसी संदिग्ध तक नहीं पहुंच पाई है। फिलहाल अब परिजनों और स्थानीय लोगों की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।