महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन को पुणे की एक मिठाई दुकान का लाइसेंस निलंबन करना बहुत ही महंगा पड़ गया. बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को पुणे की एक मिठाई की दुकान को फूड सेफ्टी नियमों का 98 फीसदी पालन करने के बावजूद 34 दिनों तक बंद रखने के मामले में कड़ी फटकार लगाते हुए दुकान संचालकों को 5 लाख रुपये देने का निर्देश दिया.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुणे की एक मिठाई की दुकान के खाद्य लाइसेंस का निलंबन रद्द कर दिया और कहा कि 98% अनुपालन स्कोर के बावजूद दुकान को बंद रखना नागरिकों को प्रताड़ित करने के बराबर है.
कुछ दिनों से महाराष्ट्र में FDA यानी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ इंडिया लगातार कार्रवाई कर रहा है. इसी क्रम में पुणे की एक मिठाई की दुकान को 34 दिनों तक बंद रखा गया, जबकि एक बार फिर निरीक्षण करने पर पाया गया कि वह खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं का 98% अनुपालन करती है. दोबारा की गई जांच में दुकान को 36 में से 35 अंक मिले, यानी वो 98 प्रतिशत फूड सेफ्टी मानकों पर खरी उतरी.
जब ये दुकान बंद रखने का मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा तो FDA ने कोर्ट में कहा कि लाइसेंस निलंबन के खिलाफ विभागीय अपील लंबित होने के कारण दुकान को दोबारा खोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
पुणे की एक मिठाई की दुकान का लाइसेंस निलंबित करने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को कड़ी फटकार लगाई है. बॉम्बे हाईकोर्ट FDA की इस दलील से सहमत नहीं हुआ. एफडीए की अपील लंबित होने की दलील को खारिज करते हुए कोर्ट ने दुकान को तुरंत खोलने की अनुमति दी है.
चूंकि FDA ने अपने पहले निरीक्षण के दौरान 12 जून को फूड पॉइजनिंग की शिकायत और साफ-सफाई से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए पुणे की गुरुनानक डेयरी एंड स्वीट्स नाम की दुकान का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया था.
दुकान की ओर से वकील ने कोर्ट को बताया कि 34 दिनों तक दुकान बंद रहने से कारोबार को करीब 8.5 लाख रुपये का सीधा नुकसान हुआ. दुकान संचालकों के मुताबिक इस अवधि में उन्हें कारोबार बंद रहने से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. जिसके चलते अब FDA को 5 लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा.
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