हरियाणा के भिवानी में अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित मासिक काव्य गोष्ठी में डॉ. एस.एस. शीलवंत की नई पुस्तक 'वो बेवफा' का विधिवत विमोचन किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि नेत्रपाल तंवर ने साहित्य को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए संस्कारों का मुख्य आधार बताया।
अजय सैनी, भिवानी। महाराणा भामाशाह सोनी सीनियर सिटीजन चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रांगण में आज अखिल भारतीय साहित्य परिषद भिवानी द्वारा एक भव्य मासिक काव्य गोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन समारोह का शानदार आयोजन किया गया। Book Launch in Bhiwani के इस विशेष कार्यक्रम का कुशल संयोजन प्रख्यात साहित्यकार डॉ. एस.एस. शीलवंत द्वारा संपन्न किया गया। इस गरिमापूर्ण साहित्यिक समारोह की अध्यक्षता विख्यात विद्वान डॉ. मनोज भारत ने की, जबकि मंच का सफल संचालन भी स्वयं डॉ. एस.एस. शीलवंत ने ही किया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ अत्यंत भक्तिमय माहौल में किया गया।
वो बेवफा पुस्तक का भव्य विमोचन
इस विशेष समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सम्मान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट के राष्ट्रीय संगठन मंत्री नेत्रपाल तंवर भिवानी रहे। मुख्य अतिथि नेत्रपाल तंवर ने दीप प्रज्वलित करने के बाद डॉ. एस.एस. शीलवंत द्वारा रचित नवीन साहित्यिक कृति ‘वो बेवफा’ पुस्तक का विधिवत विमोचन किया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नेत्रपाल तंवर ने कहा कि शुद्ध और सही साहित्य ही असल में हमारे संस्कारों का मुख्य आधार होता है। समाज के उत्थान और राष्ट्र के मजबूत निर्माण में उत्कृष्ट साहित्य हमेशा से ही अपनी सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाता आया है।

नई पीढ़ी को सही संस्कार देना जरूरी
मुख्य अतिथि नेत्रपाल तंवर ने अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वर्तमान आधुनिक समय में देश को शुद्ध, सकारात्मक एवं मूल्यपरक साहित्य की अत्यंत आवश्यकता है, जिससे हमारी नई पीढ़ी को सही दिशा, मार्गदर्शन और उच्च संस्कार प्राप्त हो सकें। इस भव्य कार्यक्रम में अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों, सुप्रसिद्ध कवियों एवं प्रबुद्ध समाजसेवियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी रचनाकारों ने अपनी शानदार कविताओं और उत्कृष्ट काव्य पाठ के माध्यम से वहाँ मौजूद सभी श्रोताओं को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आए प्रतिष्ठित रचनाकारों ने अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियां दीं।
अनेक गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस गौरवशाली साहित्यिक समागम में मुख्य रूप से डॉ. मनोज भारत, डॉ. महेंद्र सिंह सागर, डॉ. विकास यशकीर्ति, ज्ञानेन्द्र सिंह तेवतिया, बिजेन्द्र परिहार, विनोद कुमार, कपिल शर्मा भारतीय, मधुसूदन शर्मा, भंवर पाल तंवर उपस्थित रहे। इनके अलावा विख्यात फिल्म निर्देशक रोहित कौशिक तथा समाजसेवी रामनिवास सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के गौरवपूर्ण समापन पर आयोजकों ने समारोह में पहुंचे सभी सम्मानित अतिथियों, प्रबुद्ध साहित्यकारों, कवियों एवं उपस्थित आम जनों का इस सफल आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सहृदय आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।

