कुंदन कुमार, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह का एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया बयान राज्य में भारी राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का केंद्र बन गया है। गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने एक विवादित लोकोक्ति का इस्तेमाल किया, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।

​’हाथी चले बाजार…’ टिप्पणी पर मचा बवाल

​पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने TRE-4 परीक्षा की रूपरेखा की जानकारी दी। इसी दौरान जब पत्रकारों ने गर्दनीबाग में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा, एक कहावत आपने सुना होगा, हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार। इस अमर्यादित टिप्पणी के सामने आते ही छात्र भड़क उठे और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

​छात्रों का तीखा आक्रोश और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

  • ​छात्रों की चेतावनी: परीक्षा नियंत्रक के इस बयान से आहत छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं को इस तरह के अपशब्द कहना प्रशासनिक अहंकार को दर्शाता है।
  • ​मुख्यमंत्री का निर्देश: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
  • ​विपक्ष का हमला: राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस बयान को लेकर तीखा निशाना साधा और अधिकारी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही।
  • ​रोहिणी आचार्य का तंज: राजद नेत्री रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि छात्रों को ‘कुत्ता’ कहने वाले अधिकारी पर उचित और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।

​विवाद बढ़ता देख परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने एक वीडियो जारी कर अपनी गलती पर माफी मांग ली और स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। हालांकि, छात्र इस माफी से संतुष्ट नहीं हैं और अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं।