दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। जिले के इटारसी ‘मुस्कान’ बालिका गृह से पांच नाबालिग लड़कियों के रहस्यमय ढंग से गायब होने की खबर ने पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस संवेदनशील और गंभीर मामले में पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा थोटा ने कड़ा रुख अपनाते हुए मामले की परतें खोलने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

बालिका गृह प्रबंधन की बड़ी लापरवाही उजागर

दरअसल यह पांचों नाबालिग बालिकाएं बालिका गृह से लापता हो गईं। इस लापरवाही के बाद बालिका गृह प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा दावों पर सवाल उठ रहे हैं। आखिर सख्त पहरे के बीच से पांच मासूम कैसे गायब हो गईं? मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के नेतृत्व और एसडीओपी इटारसी वीरेंद्र मिश्रा के सुपरविजन में एक हाई-लेवल SIT मैदान में उतारी है। टीम में एक इंस्पेक्टर और तीन सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। पुलिस अफसरों ने पूरे परिसर का कोना-कोना छान मारा और संस्था की सुरक्षा व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ते हुए देखा।

संस्था की ओर से पुलिस को सूचना नहीं दी

मामले में सबसे चौंकाने वाला और संदिग्ध मोड़ तब आया, जब जांच के दौरान पुलिस को संस्था की तरफ से बालिकाओं के लापता होने की सूचना देने से संबंधित कोई भी सबूत नहीं मिले! संस्था की लापरवाही और लीपापोती की कोशिश ने प्रबंधन को सीधे कठघरे में खड़ा कर दिया है।​ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137 (2) के तहत केस दर्ज कर लिया है। साइबर सेल और आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों की मदद से लापता कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अब इस मामले में हर एंगल से पूछताछ कर रही है कि यह सिर्फ लापरवाही है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट सक्रिय है!​

अभिषेक राजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

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