कुमार इंदर, जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां काम में लापरवाही बरतने पर एक साथ 26 टी आई को सजा मिली है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने एक साथ 26 टीआई को निंदा की सजा सुनाई है। इनमें शहरी के साथ ग्रामीण थाना प्रभारियों पर भी गाज गिरी है।
दरअसल सर्विस रिकॉर्ड में निंदा की सजा दर्ज की जाती है। निंदा की करवाई होने से प्रमोशन में फर्क पड़ता है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कम प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने पर यह सजा दी गई है।
सामान्यतः सरकारी सेवा में “निंदा” (Censure) एक लघु दंड (Minor Penalty) है। इसका मतलब है कि कर्मचारी की सेवा रिकॉर्ड में लिखित रूप में औपचारिक रूप से निंदा की जाती है। यह एक गंभीर चेतावनी है जो पदोन्नति (promotion) को प्रभावित कर सकती है और सेवा पुस्तिका में दर्ज रहती है।

