BRICS Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। भारत की मेजबानी में हो रहे इस सम्मेलन में दुनिया भर के नेता हिस्सा ले रहे हैं। बिहार के पारंपरिक सत्तू और मखाना से लेकर ओडिशा के कोरापुट की पहाड़ियों में उगाई जाने वाली कॉफी और गुजरात की बेहतरीन हस्तकला तक, भारत की विविध सांस्कृतिक और खान-पान की झलक के साथ ब्रिक्स समिट में उच्च-स्तरीय कूटनीति के साथ देखने को मिलेगी।
CM सम्राट ने जताया पीएम मोदी का आभार
BRICS समिट की Welcome Kit में बिहार के सत्तू और मखाना को शामिल किए जाने पर सीएम सम्राट चौधरी ने खुशी जाहिर की है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी का आभार भी जताया है। सीएम सम्राट ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, बिहार का गौरव वैश्विक मंच पर। उन्होंने कहा कि, दिल्ली BRICS Summit में Welcome Kit में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी का आभार भी जताया, जिन्होंने ‘Local to Global’ संकल्प को साकार किया। सीएम ने कहा कि, नए बिहार की नई पहचान-बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने होगा।
Welcome Kit में दिखेगी उत्पादों एवं हुनर की झलक
आपको बता दें कि इस 18वें ब्रिक्स समीट में 32 देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के नेता, मंत्री और अधिकारी इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में ब्रिक्स मीडिया किट ने केवल जानकारी देने वाली सामग्री से कही ज़्यादा कुछ पेश किया है, जिसमें देश की विविध परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और कारीगरों के हुनर की झलक भी दिखाई देगी। यह पहल विदेश मंत्रालय (MEA) की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसके ज़रिए अलग-अलग राज्यों से लाए गए उत्पादों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने भारत की एक झलक पेश की जा रही है।
भारत की विविधता को दिखाना मकसद
मीडिया किट और समिट की तैयारियों के पीछे के विचार के बारे में MEA में PR के OSD वासुदेव रवि ने बताया कि इस पहल का मकसद भारत की विविधता को दिखाना और जिसे उन्होंने “इंडिया स्टोरी” कहा, उसे बताना था। रवि ने बताया कि, यह हमारे लिए ‘इंडिया स्टोरी’ को दिखाने और मीडिया में अपने साथियों के साथ-साथ इंटरनेशनल प्रेस से जुड़े लोगों के सामने इसके खास पहलुओं को उजागर करने का एक मौका है। इसलिए, हमने तीन राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया है और हमारी कोशिश पारंपरिक खान-पान को पेश करने की रही है।
उन्होंने कहा कि, बहुत सोच-समझकर चुने गए इन प्रोडक्ट्स में देश के अलग-अलग हिस्सों की खासियतें शामिल हैं, जैसे बिहार का सत्तू और मखाना, ओडिशा की कोरापुट कॉफी और गुजरात की हैंडीक्राफ्ट्स। ये सभी मिलकर मीडिया किट को भारत की क्षेत्रीय पहचान की एक छोटी सी झलक में बदल देते हैं।
बिहार के खान-पान की विरासत सत्तू
रवि ने बताया कि, बिहार सरकार के हमारे सहयोगियों ने पारंपरिक ड्रिंक ‘सत्तू’ और बिहार की बेहद लोकप्रिय उपज ‘मखाना’ उपलब्ध कराई है। सत्तू, राज्य की खान-पान की विरासत को दिखाता है, जबकि मखाना वहां की प्रमुख कृषि और खाद्य उत्पादों में से एक है। हमने कोरापुट की कॉफी को पेश करने के लिए ओडिशा सरकार के साथ साझेदारी की है। साथ ही, हमने गुजरात सरकार के साथ भी साझेदारी की है, जिसने राज्य में मौजूद हुनर और हैंडीक्राफ्ट को दिखाने के लिए कई तरह की हस्तशिल्प वस्तुएं उपलब्ध कराई हैं। हमारी कोशिश भारत को दुनिया के सामने लाने और भारत की कहानी बताने की है।
उन्होंने कहा कि, यह प्रेजेंटेशन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपनी BRICS अध्यक्षता का इस्तेमाल न सिर्फ़ ग्लोबल आर्थिक और जियोपॉलिटिकल मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहता है, बल्कि इंटरनेशनल ऑडियंस के सामने अपनी विविधता, इनोवेशन और विकास की कहानी को भी पेश करना चाहता है।
ये भी पढ़ें- श्रवण कुमार ने नीतीश कुमार को बताया बिहार का ‘विश्वकर्मा’, बोले- नाम बदलने में कोई दिक्कत नहीं



