कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह और गोकुल सेतिया के बीच बढ़ता टकराव पार्टी के लिए सिरदर्द बन गया है। सोशल मीडिया पर जारी बयानबाजी और शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी ने सियासी माहौल गरमा दिया है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। कांग्रेस के भीतर इन दिनों दो बड़े नेताओं Brijendra Singh और Gokul Setia के बीच बढ़ता टकराव संगठन के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। मामला अब निजी मतभेद से आगे बढ़कर सियासी खींचतान का रूप ले चुका है, जिस पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की नजर टिकी हुई है।
पार्टी के अंदर यह स्थिति असहज माहौल पैदा कर रही है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम नजर आ रहे हैं। अंदरखाने चर्चाएं तेज हैं कि यह टकराव संगठनात्मक संतुलन को प्रभावित कर सकता है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी को एकजुटता दिखाने की जरूरत है।
इस बीच Gokul Setia की ओर से सोशल मीडिया पर लगातार सक्रियता देखी जा रही है, जहां उनके पोस्ट के जरिए Brijendra Singh पर हमले किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर बृजेंद्र सिंह की तरफ से अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे सियासी हलकों में अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
प्रदेश अध्यक्ष Rao Narender Singh ने संकेत दिए हैं कि मामले को सुलझाने के प्रयास जारी हैं और नेतृत्व स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो यह मामला पार्टी के अंदर बड़े प्रभाव छोड़ सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या कांग्रेस हाईकमान समय रहते हस्तक्षेप कर इस टकराव को थाम पाएगा या यह अंदरूनी विवाद और गहराएगा।

