मनेंद्र पटेल, दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से करोड़ों रुपये के लौह स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी क्रेन ऑपरेटर के रूप में काम करते थे और फ्लू डस्ट परिवहन करने वाले वाहनों में चोरी का लोहा लोड करने की भूमिका निभा रहे थे। इसके साथ ही इस गिरोह से जुड़े गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। हालांकि मामले का मुख्य आरोपी संजय सिंह अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इन्द्र कुमार पटेल और मदन साहू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी क्रेन के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किए गए लौह स्क्रैप को फ्लू डस्ट परिवहन करने वाले वाहनों में लोड करते थे, ताकि उसे आसानी से प्लांट से बाहर निकाला जा सके।
BSP प्रबंधन ने भी दर्ज कराई FIR

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक की ओर से भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क ने पिछले कई महीनों से संगठित तरीके से संयंत्र से लौह सामग्री की चोरी को अंजाम दिया है।
4-5 महीने से चल रहा था चोरी का खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले चार से पांच महीनों से फ्लू डस्ट परिवहन करने वाले वाहनों की आड़ में भिलाई इस्पात संयंत्र से लौह स्क्रैप की चोरी की जा रही थी। हैरानी की बात यह है कि करीब 400 सीसीटीवी कैमरों और 1200 से अधिक CISF जवानों की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर चोरी होती रही।
इस घटना ने भिलाई इस्पात संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
रेड में मिला था करोड़ों का माल
गौरतलब है कि 26 मई को पुलिस ने पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स हथखोज और भिलाई फैब्रिकेशन वर्क्स एंड स्क्रैप डीलर नामक प्रतिष्ठानों में छापेमार कार्रवाई की थी।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में संदिग्ध लोहा बरामद किया था। जांच के दौरान हाईवा वाहनों में लोहे की प्लेट कटिंग, लोहे की बीम और फ्लू डस्ट एक साथ भरे मिले। मौके से करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य की लोहे की प्लेटें, बीम कटिंग और अन्य सामग्री बरामद की गई थी।
इसके अलावा करीब 90 लाख रुपये मूल्य की चैन माउंटेन मशीन, जेसीबी, हाईड्रा और अन्य भारी उपकरण भी जब्त किए गए थे, जिनका इस्तेमाल चोरी के लोहे को लोड कर दूसरे स्थानों तक पहुंचाने में किया जाता था।
पहले ही छह आरोपी जा चुके हैं जेल
इस मामले में पुलिस पहले ही चिंतानंद साहू, जितेश वर्मा, मिथेन ठाकुर, निर्मल सिंह, रविन्द्र साहू और घनश्याम गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज चुकी है। अब इन्द्र कुमार पटेल और मदन साहू की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ हो गई है।
आरोपी ने कबूला चोरी का तरीका
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी रविन्द्र साहू ने स्वीकार किया है कि वह मुख्य आरोपी संजय सिंह के निर्देश पर काम करता था। उसने बताया कि मैग्नेटिक क्रेन के माध्यम से BSP का लोहा चोरी कर फ्लू डस्ट वाहनों में लोड किया जाता था और फिर उसे बाहर भेज दिया जाता था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हो सकता है बड़ा खुलासा
पुलिस का मानना है कि इस पूरे मामले का सबसे अहम किरदार मुख्य आरोपी संजय सिंह है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के भीतर किस स्तर तक इसकी पहुंच थी।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें संजय सिंह की तलाश में जुटी हुई हैं। वहीं करोड़ों रुपये के इस लौह स्क्रैप चोरी मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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