प्रवीण भारद्वाज, पानीपत। हरियाणा के पानीपत में सोशल मीडिया पर बढ़ती फैन फॉलोइंग और लेडीज सूट्स के विज्ञापनों का सहारा लेकर एक महिला कारोबारी ने चरखी दादरी की महिला के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दे डाला। पानीपत के थाना चांदनी बाग के अंतर्गत सेक्टर-23, TDI में संचालित परी रानी सूट्स की मालकिन रानी गाहल्याण के खिलाफ पुलिस ने जालसाजी और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया है।

यह मामला चरखी दादरी की रहने वाली अंजू रानी की शिकायत पर सामने आया है। अंजू रानी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि परी रानी सूट्स की मालकिन सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहती है और ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से अपने लेडीज सूट्स का जमकर प्रचार करती है। वह अपने कपड़ों को बाजार से बिल्कुल अलग और नए डिजाइनों का बताती थी। उसकी इसी सोशल मीडिया प्रोफाइल और आकर्षक बातों से प्रभावित होकर वह 1 जनवरी को पानीपत स्थित उसकी दुकान पर सूट खरीदने आई थी।

शिकायत के अनुसार, पहली ही मुलाकात में आरोपी रानी गाहल्याण ने अंजू को अपने मीठे व्यवहार और बातों के जाल में फंसा लिया। रानी ने दावा किया कि उसके सूट किसी आम बाजार के नहीं होते, बल्कि उसकी अपनी निजी फैक्ट्री में तैयार किए जाते हैं, जहां उसने विशेष तौर पर सूरत आदि शहरों से कारीगर बुलाए हुए हैं। उसने अंजू को प्रलोभन दिया कि यदि वह भी कपड़ों का व्यापार करना चाहती है, तो वह उसे अपने ब्रांड परी रानी सूट्स की फ्रेंचाइजी दे देगी।

मेरे नाम का बोर्ड लगाकर दुकान खोल लो:

आरोपी महिला ने अंजू को बड़े-बड़े सपने दिखाते हुए कहा, सोशल मीडिया पर एक्टिव होने के कारण पूरे भारतवर्ष में मेरी तगड़ी फैन फॉलोइंग है। मेरे नाम का बोर्ड लगाकर तुम देश में कहीं भी दुकान खोल लो, तुम्हें अंधाधुंध मुनाफा होगा। अंजू का विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने कुछ फर्जी कागजात भी दिखाए और दावा किया कि उसने पहले भी कई लोगों को फ्रेंचाइजी दी है, जो आज लाखों कमा रहे हैं। उसने यह भी आश्वासन दिया कि यदि कोई सूट कटा-फटा या डिफेक्टिव निकलेगा, या जो माल नहीं बिकेगा, उसे वापस लेकर पूरे पैसे लौटा दिए जाएंगे।

आरोपी के इस झांसे में आकर अंजू व्यापार करने के लिए तैयार हो गई। 2 फरवरी 2025 को रानी ने उसे दोबारा टीडीआई स्थित दुकान पर बुलाया और फ्रेंचाइजी फीस के नाम पर ₹8 लाख की मांग की। जब अंजू ने यह रकम बैंक ट्रांसफर या चेक के माध्यम से देनी चाही, तो आरोपी ने साफ मना कर दिया और कहा कि वह यह सिक्योरिटी अमाउंट सिर्फ और सिर्फ नकद ही लेगी। उसने भरोसा दिया कि जब भी फ्रेंचाइजी बंद होगी, यह ₹8 लाख वापस मिल जाएंगे। अंजू ने उसी दिन ₹3 लाख नकद दे दिए। इसके बाद 17 फरवरी को आरोपी ने फिर बुलाया और ₹1.50 लाख और ले लिए।

एग्रीमेंट तक पढ़ने नहीं दिया:

बची हुई ₹3.50 लाख की राशि के लिए अंजू ने अपने एक परिचित नवीन (निवासी गांव बैरवी, चरखी दादरी) से पैसे उधार लिए और पानीपत कोर्ट पहुंची। वहां आरोपी ने पहले से ही एक एग्रीमेंट तैयार करवा रखा था। जब अंजू उसे पढ़ने लगी, तो आरोपी ने नाटक करते हुए कहा कि उसे किसी जरूरी काम से बाहर जाना है, यह सिर्फ एक कागजी औपचारिकता है और एग्रीमेंट पढ़ने नहीं दिया।

अंजू ने उस पर भरोसा कर दस्तखत कर दिए और कुल ₹8 लाख नकद पूरे कर दिए। हालांकि, घर आकर जब अंजू ने एग्रीमेंट पढ़ा, तो उसके होश उड़ गए; उसमें सिर्फ ₹5 लाख के लेनदेन का जिक्र था। इस पर जब उसने आपत्ति जताई, तो आरोपी ने कहा कि यह सिर्फ टैक्स आदि से बचने की औपचारिकता है, तुम टेंशन मत लो।

15 लाख के कटे-फटे सूट थमाए:

धोखाधड़ी का असली खेल फ्रेंचाइजी शुरू होने के बाद बाहर आया। आरोपी रानी ने पहले पक्के GST बिल पर व्यापार करने की बात कही थी, लेकिन माल देने के बाद जब अंजू ने पक्के बिल मांगे, तो वह टालमटोल करने लगी। कुछ ही समय में आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और वह गाली-गलौज पर उतर आई।

अंजू ने जब बाजार में सर्वे किया, तो पता चला कि जो सूट रानी उसे दे रही थी, वे बाजार मूल्य से 2 से 3 गुना ज्यादा महंगे थे। अत्यधिक कीमत होने के कारण ग्राहकों ने अंजू की दुकान से कपड़े खरीदना बंद कर दिया। इतना ही नहीं, रानी द्वारा भेजे गए स्टॉक में करीब ₹15 लाख के सूट कटे-फटे और खराब रंग के निकले।

डीएसपी सतीश कुमार वत्स ने जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर सूट बेचने के नाम पर और फ्रेंचाइजी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने की एक शिकायत मिली थी जिसके आधार पर चांदनी बाग थाना पुलिस में आरोपी परी रानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। डीएसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। फिलहाल मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जल्द ही मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।