कनाडा सरकार के नए नियम ने कई पंजाबियों की परेशानी बढ़ा दी है। अब कनाडा ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। नए इमिग्रेशन बिल ‘सी-12’ के तहत देश में रह रहे विदेशी छात्रों और शरणार्थियों पर अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बड़ी जानकारी ये समाने आई है कि मिग्रेशन विभाग ने करीब 30 हजार लोगों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें लगभग 9 हजार पंजाबी शामिल हैं। सभी को 21 दिनों के अंदर अपना जवाब देना है। कहा यह भी गया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्हें डिपोर्ट किया जा सकता है।
कनाडा सरकार ने 2025 में अपने इमिग्रेशन सिस्टम को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कानून लागू किया था। इसका मुख्य फोकस उन लोगों पर है, जो लंबे समय से बिना वैध दस्तावेजों के देश में रह रहे हैं। वर्ष 2026 में इसके तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है।

बिल ‘सी-12’ की यह शर्त
कनाडा पहुंचने के एक साल के भीतर शरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा।
अवैध रूप से काम करते पाए जाने पर लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय सीधे डिपोर्ट किया जाएगा।
यह कानून 2025 से प्रभावी माना गया है, इसलिए जिन लोगों के वर्क परमिट पहले ही समाप्त हो चुके हैं, वे भी इसके दायरे में आएंगे।
3 मई तक का मिला समय
सरकार ने नोटिस पाने वाले लोगों को 3 मई 2026 तक का समय दिया है, ताकि वे अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रख सकें। केवल मेडिकल इमरजेंसी या अपने देश में जान के खतरे जैसे मामलों में ही राहत मिल सकती है।इस फैसले के बाद कनाडा में रह रहे प्रवासियों, खासकर पंजाबी समुदाय में चिंता का माहौल बन गया है।
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