लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को अब एक साल से भी कम का समय बच गया है. इस बीच जोड़ घटाव की कवायद शुरू हो गई है. गठबंधन और सीटों के बंटवारे की भी चर्चाएं शुरू हो गई है. इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने एक बार फिर मायावती को गठबंधन का ऑफर दिया है.

गौरतलब है कि एआईएमआईएम के अध्यक्ष असद्दुदीन ओवैसी 14 जून को बहराइच में रैली करने वाले हैं. इससे पहले बहराइच पहुंचे AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि AIMIM आगामी विधानसभा चुनाव बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ मिलकर लड़ना चाहती है. उन्होंने कहा कि दलित और मुस्लिम वोटों का गठजोड़ एक मजबूत राजनीतिक समीकरण बना सकता है, जिसके दम पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों को चुनौती दी जा सकती है.

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बता दें कि इससे पहले भी एआईएमआईएम मायावती के सामने गठबंधन का प्रस्ताव रख चुका है. लेकिन मायावती इसे नकार चुकी हैं. फरवरी में हुई पार्टी की बैठक में मायावती ने अकेले ही चुनावी मैदान में उतरने की बात दोहराई थी. उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. मायावती ने बैठक में साफ कर दिया कि वो अपने बूते पर आगामी यूपी विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने इस बार एक बार फिर से सर्व समाज और सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से 2027 विधानसभा चुनाव में दमखम दिखाने की घोषणा भी की थी. बैठक में मायावती ने पार्टी कैडर और कार्यकर्ताओं में जोश भरा था. इसके साथ ही यूपी में बसपा की सरकार बनाने के लिए हुंकार भरी थी.

मायावती ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया था जिसमें ये अंदेशा जताया जा रहा था कि बसपा चुनाव जीतने के लिए किसी पार्टी से गठजोड़ कर सकती हैं. AIMIM ने बसपा के साथ गठबंधन करने की बात की थी. पार्टी ने यूपी में सिर्फ बसपा से ही हाथ मिलाने की बात कही थी. हालांकि मायावती के बैठक में किए गए ऐलान के साथ ही तमाम संभावनाओं पर विराम लग गया था. अब एआईएमआईएम ने फिर से बसपा की ओर गठबंधन का हाथ बढ़ाया है.