पटना। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती पर तीखा जुबानी हमला बोला है। अपने तीन दिवसीय बेगूसराय दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने महबूबा मुफ्ती की सोच को अर्बन नक्सल मानसिकता करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल या आतंकवाद का समर्थन करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए भारत में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

​सरकार तोड़ने के फैसले पर बोले केंद्रीय मंत्री

​अतीत में बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन का जिक्र करते हुए गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने महबूबा मुफ्ती की सरकार से अलग होने का सही फैसला लिया था। उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें सरकार में साथ रखा गया हो, लेकिन उनका दिमाग ‘अर्बन नक्सल’ वाला था, जिसके कारण गठबंधन तोड़ना ही बेहतर समझा गया। उन्होंने यह भी कहा कि महबूबा मुफ्ती खुद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान को सही साबित कर रही हैं, जिसमें उन्होंने संविधान विरोधी और अलगाववादी ताकतों को घेरा था।

​अनुच्छेद-370 की वापसी को लेकर विपक्ष को खुली चुनौती

​अनुच्छेद-370 को दोबारा बहाल किए जाने की चर्चाओं को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष को दो टूक चुनौती दी। उन्होंने कहा कि केंद्र में भविष्य में कोई भी सरकार क्यों न आ जाए, वह कभी भी धारा-370 को दोबारा लागू नहीं कर पाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश से अनुच्छेद 370 और 35A को हटाना ‘राष्ट्र की आत्मा की सेवा’ करने जैसा है। बीजेपी का मुख्य उद्देश्य ‘एक देश, एक कानून’ स्थापित करना था, क्योंकि देश में ‘दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ की व्यवस्था अस्वीकार्य है।

​क्या है पूरा विवाद?

​हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अलगाववादियों और अनुच्छेद-370 का समर्थन करने वालों को ‘दिमागी नक्सल’ कहा था। इसके पलटवार में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि अगर जम्मू-कश्मीर में धारा 370 का समर्थन करना दिमागी नक्सलवाद है, तो वह गर्व से खुद को ऐसा ही मानती हैं। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने महबूबा मुफ्ती की तीखी आलोचना की है।