कुमार इंदर, जबलपुर। महिला जज जस्टिस तबस्सुम खान को मॉब लिंचिंग मामले में 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद लगातार मौत की धमकियां मिल रही हैं। इस गंभीर मामले में दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस पूरे प्रकरण पर स्वत: संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से जज की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी। इस संबंध में डीजीपी और अतिरिक्त मुख्य सचिव ने हाई कोर्ट में हलफनामा पेश किया।
क्या है पूरा मामला?
अगस्त 2022 में नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा इलाके में एक बेहद निर्मम मॉब लिंचिंग हुई थी। महाराष्ट्र के अमरावती जा रहे मवेशी भरे ट्रक को कुछ लोगों की भीड़ ने रोक लिया। भीड़ ने ट्रक में सवार तीन लोगों को लाठियों-डंडों से बुरी तरह पीटा, जिसमें नाजिर अहमद नामक व्यक्ति की मौत हो गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए 12 जून 2025 को 14 आरोपियों को दोषी करार दिया। इनमें से 7 आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। फैसला आने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर जज के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट और धमकियां शुरू हो गईं।
हाईकोर्ट की दो टूक
मामले पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि महिला जज को शस्त्र सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है और सोशल मीडिया से आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की कार्यवाही भी जारी है। डीजीपी और अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा दाखिल हलफनामे में जज की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई है।
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