चंडीगढ़। हरियाणा जेल विभाग ने राज्य की जेलों में नशीले पदार्थों की अवैध एंट्री को रोकने के लिए एक बेहद सख्त और नई एसओपी जारी कर दी है।
इस नए नियम के तहत अब पैरोल या फरलो की छुट्टी काटकर वापस आने वाले हर कैदी की जेल की मुख्य दहलीज पर ही सघन मेडिकल जांच अनिवार्य कर दी गई है।
विभाग ने यह कड़ा कदम जेलों में बंद उन 352 कैदियों के रिकॉर्ड को देखते हुए उठाया है जो नशे के गंभीर आदी हैं और अक्सर बाहर से लौटते समय अपने शरीर के भीतर नशीली वस्तुएं छिपाकर लाने की कोशिश करते हैं।
जेल लौटते ही 24 घंटे के भीतर होगा यूरिन टेस्ट
प्रशासन द्वारा लागू की गई नई गाइडलाइंस के अनुसार जेल परिसर में कदम रखते ही 24 घंटे के भीतर कैदी का विस्तृत मेडिकल परीक्षण और यूरिन टेस्ट किया जाएगा ताकि नशे की पुष्टि की जा सके।
नियम तोड़ने पर रद्द होगी अगली पैरोल
यदि कोई भी कैदी नशा करके आता है या उसके पास नशीले पदार्थ मिलते हैं तो उसे तुरंत विशेष निगरानी वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले कैदियों की न केवल भविष्य की पैरोल और फरलो स्थायी रूप से रद्द की जा सकती है बल्कि उनके खिलाफ जेल नियमों के तहत नया कानूनी मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।

