दिशा सालियान मामले में CBI के सामने एक नया रिप्रेजेंटेशन दिया गया है। शिकायतकर्ता सतीश सालियान की ओर से अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने CBI के डिप्टी एसपी को पत्र भेजकर आदित्य ठाकरे, पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, सचिन वाजे समेत अन्य लोगों से पूछताछ और विभिन्न आरोपों की जांच की मांग की है। पत्र में FIR नंबर RC0502026S0006/CBI/SC-II/New Delhi, दिनांक 13 सितंबर 2026 का हवाला दिया गया है।

CCTV फुटेज और DVR से छेड़छाड़ का आरोप

रिप्रेजेंटेशन में दावा किया गया है कि दिशा सालियान की बिल्डिंग का DVR सचिन वाजे ने कथित तौर पर बिना वैध जब्ती पंचनामा बनाए अपने कब्जे में लिया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मूल CCTV फुटेज को पेन ड्राइव में कॉपी करने के बाद उसमें छेड़छाड़ की गई और कथित तौर पर वह हिस्सा हटाया गया, जिसमें आदित्य ठाकरे और अन्य लोगों की मौजूदगी होने का दावा किया गया है।

फोरेंसिक रिपोर्ट में फुटेज गायब होने का दावा

शिकायत में 11 दिसंबर 2025 की फोरेंसिक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक, DVR में 4 जून 2020 से 9 जून 2020 के बीच की CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं थी। शिकायतकर्ता ने इस अवधि की फुटेज गायब होने की तत्काल जांच की मांग की है। बैकअप हार्ड डिस्क के गायब या नष्ट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

परमबीर सिंह और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच की मांग

रिप्रेजेंटेशन में परमबीर सिंह के 3 अगस्त 2020 के कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस बयान और 6 अगस्त 2020 को बैकअप हार्ड डिस्क के आधिकारिक रूप से खोले व सत्यापित किए जाने की बताई गई टाइमलाइन के बीच अंतर की जांच की मांग की गई है।

गवाह X1 और समीर वानखेड़े से पूछताछ की मांग

शिकायत में एक पेन ड्राइव में कथित प्रत्यक्षदर्शी X1 का रिकॉर्डेड बयान होने का दावा किया गया है, जिसमें गंभीर आरोपों का उल्लेख बताया गया है। CBI से गवाह की पहचान और बयान की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की मांग की गई है।

इसके अलावा तत्कालीन NCB जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े से पूछताछ कर मोबाइल लोकेशन, संचार रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य हासिल करने का अनुरोध किया गया है।

उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख की भूमिका की जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख की भूमिका की भी जांच की मांग की है। साथ ही सचिन वाजे की पुलिस सेवा में बहाली से संबंधित फाइलों, सरकारी नोटिंग, आदेश और पत्राचार की जांच का अनुरोध किया गया है।

शिकायत में IPC की धारा 409 के तहत कार्रवाई की संभावना की भी जांच करने की मांग की गई है। CBI से सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कानून के मुताबिक तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

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