मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Sri Krishna Janmashtami 2026) का पर्व ऐतिहासिक और भव्य तरीके से मनाया जाएगा. धार्मिक समिति के गठन के बाद यह पहला अवसर है जब राम मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव इतने दिव्य और भव्य स्वरूप में मनाया जा रहा है. मंदिर ट्रस्ट की ओर से इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. रामलला के दरबार को देश के विभिन्न शहरों से आए फूलों से सजाया जा रहा है.

धार्मिक समिति के वरिष्ठ सदस्य महंत राजकुमार दास ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह परिसर को सजाने के लिए विशेष कारीगर लगे हुए हैं. गर्भगृह का जो परिसर है, उसको विधिवत फूलों से सजाने के लिए कारीगर लगे हैं. कुछ दिल्ली से, कुछ बनारस, कुछ कोलकाता और लखनऊ से फूल-पुष्प आए हैं. ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज के निर्देश पर सभी सदस्य और सेवादार लगे हैं कि ठाकुर जी का उत्सव खूब दिव्य-भव्य तरीके से मनाया जाए.

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जन्मोत्सव का पूरा कार्यक्रम

  • मंदिर में जन्माष्टमी के लिए रात में विशेष आयोजन रखे गए हैं. रात 9 से 11:30 बजे तक सांस्कृतिक संध्या, भजन-कीर्तन और संकीर्तन का आयोजन होगा.
  • रात 11:30 बजे के बाद: वैदिक आचार्यों द्वारा श्रीमद्भागवत के दशम स्कंध के प्रथम से तृतीय अध्याय तक का परायण किया जाएगा. जिसमें तीसरे अध्याय के 10 श्लोकों का सस्वर पाठ होगा.
  • मध्यरात्रि में ठीक 12 बजे भगवान श्री रामलला सरकार का महाभिषेक और महाआरती की जाएगी.

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भगवान को भोग के रूप में फलाहारी व्यंजन अर्पित किए जाएंगे. क्योंकि इस दिन सभी भक्त व्रत में रहते हैं. यही प्रसाद बाद में सभी भक्तों में वितरित किया जाएगा. इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आमंत्रण पर विशिष्ट साधु-संत और गृहस्थ भक्त मंदिर में उपस्थित रहेंगे. महंत ने सभी भक्तों से अपील की है कि जो भक्त वृंदावन नहीं जा पा रहे हैं, वे रामलला के दरबार में ही आकर कृष्ण जन्मोत्सव का आनंद लें और रामलला को ही कृष्णचंद्र के रूप में दर्शन करें.