चमोली. बद्रीनाथ धाम के पास कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटा (Avalanche) है. पर्वतीय अंचलों में तेज धूप और रात में तापमान गिरने से ग्लेशियरों में दरारें पड़ गई. साथ ही बर्फ के हिस्से खिसकने से हिमस्खलन हुआ है. राहत की मौत ये है कि इस हादसे में कोई जनहाि नहीं हुए. स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है. बताया जा रहा है कि गर्मी बढ़ने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्लेशियर तेजी से पिघलने लगते हैं.

पुलिस के मुताबिक हर साल ये ग्लेशियर धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसकता है और आगे चलकर कंचनगंगा क्षेत्र में आकर रुक जाता है. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है.

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बता दें कि फरवरी 2025 में चमोली के बद्रीनाथ धाम से आगे चीन सीमा के पास माणा में हिमस्खलन की घटना घटित हुई थी. इस घटना में काम कर रहे 54 मजदूर दब गए थे, जिममें से 46 लोगों को भारतीय सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने रेस्क्यू किया था. इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं प्रदेश में एवलॉन्च के चलते पहले भी कई दुखद घटनाएं हो चुकी हैं. जिसमें कई लोगों की जान तक जा चुकी है. ऐसे में हिमालयी क्षेत्रों में इस तरह की हलचल पर आपदा विभाग और प्रशासन पैनी नजर रखता है.