अयोध्या. अखिलेश यादव ने रविवार को राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी का आरोप लगाया था. इस पर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव की सफाई सामने आई है. उन्होंने कहा कि ‘श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र अपने भिन्न-भिन्न कार्यों को ऑडिट समय-समय पर करता रहता है. हुंडी काउंटिंग (दान) कमरे का ऑडिट भी होता है. हुंडी काउंटिंग कमरे का ऑडिट राम तीर्थ क्षेत्र के न्यासीगण, कार्यकर्ता और स्टेट बैंक के कर्मचारी मिलकर करते हैं. ये कार्य कई दिनों तक चलता है. यहीं कार्य आजकल हो रहा है. कोई भी उल्लेखनीय बात किसी के भी ध्यान में अभी तक नहीं आई है.’ अब इस पर अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.

अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि ‘स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है. लगता है ये इनके लिए हर हफ्ते की साधारण बात है, और इतनी ज्यादा साधारण है कि ये इसे अब ‘उल्लेखनीय’ भी नहीं मानते हैं. चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है. ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए और आंकड़ों के मिलान के लिए सीसीटीवी के साक्ष्य का सहारा लिया जाए. जैसे ही सारे ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो सच तत्काल बाहर आ जाएगा क्योंकि उनमें हर कोई एक जैसा नहीं है. इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है.’

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अखिलेश ने आगे लिखा ‘ये भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर 1 मिनट बोलना भी भारी क्यों पड़ रहा है. प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह ये सफाई भी संदिग्ध है. ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है. संपूर्ण विश्व का सनातन समाज, इस बेहद कमजोर स्पष्टीकरण से और भी ज्यादा शंकित और आहत हुआ है.’