जींद। हरियाणा के जींद जिले में पानी की मांग को लेकर चल रहा चानौत जल आंदोलन फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री की तरफ से बनाई गई कमेटी के साथ आंदोलनकारियों की बातचीत तो हुई है, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रतिनिधि अनूप सिंह चानौत ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब सिर्फ पानी की नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे गांव के मान-सम्मान का सवाल बन चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मुख्य तकनीकी मांग यानी टी नहीं लगाया जाता, तब तक उनका यह धरना और प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री के साथ दूसरे दौर की बातचीत जल्द
आंदोलन से जुड़े नेताओं ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें दूसरे दौर की बातचीत का न्योता मिला है। हांसी के पुलिस अधीक्षक यानी एसपी ने खुद फोन करके मुख्यमंत्री के साथ होने वाली अगली बैठक की जानकारी दी है। इसके बावजूद ग्रामीणों का रुख बिल्कुल साफ है। उनका कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन समझौता तभी होगा जब उनकी मुख्य मांग को मान लिया जाएगा। बिना इसके किसी भी तरह के समझौते का कोई मतलब नहीं है।
आंदोलन के बीच अपनों पर ही लगे गंभीर आरोप
इस बड़े आंदोलन के बीच अब आपसी मतभेद और धोखे के आरोप भी सामने आने लगे हैं। अनूप सिंह चानौत ने आंदोलन से जुड़े सोमेश शर्मा पर ग्रामीणों के साथ विश्वासघात करने का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शुरुआत में इस मांग को पूरा कराने का बड़ा दावा करके आंदोलन में शामिल हुआ था, वह अब धरना स्थल से पूरी तरह गायब है। चानौत ने यह भी बताया कि सोमेश के गांव के लोगों ने ही उसकी इस हरकत के लिए बाकी ग्रामीणों से माफी मांगी है।
मांग पूरी होने तक धरना स्थल पर डटे रहेंगे लोग
इलाके के लोगों का कहना है कि जब तक सरकार लिखित में उनकी मांग पूरी करने का फैसला नहीं लेती, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। धरना स्थल पर महिलाओं और बुजुर्गों सहित भारी संख्या में लोग डटे हुए हैं। गांव वालों की जिद के आगे अब प्रशासन और सरकार भी दबाव में नजर आ रही है। अब हर किसी की नजर मुख्यमंत्री और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली अगले दौर की बैठक पर टिकी है कि वहां से क्या समाधान निकलता है।

