पंकज श्रीवास्तव/छपरा: सारण जिले के छपरा शहर में एक निजी अस्पताल की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है जहां प्रसव के लिए भर्ती कराई गई एक महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना भगवान बाजार थाना क्षेत्र स्थित ओम हेल्थ हॉस्पिटल की है। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर की चूक और ऑपरेशन के दौरान नस कट जाने के कारण महिला ने दम तोड़ दिया।
इलाज में लापरवाही का आरोप
परिजनों के अनुसार, महिला को प्रसव पीड़ा के बाद डॉ. नेहा पाण्डेय के इस नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने कोई सावधानी नहीं बरती, जिसके परिणामस्वरूप एक नस कट गई और अत्यधिक रक्तस्राव होने से महिला की स्थिति बिगड़ गई। देखते ही देखते महिला की मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि यदि समय रहते सही इलाज किया गया होता, तो महिला आज जीवित होती।
सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन
महिला की मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिजनों ने शव को छपरा की मुख्य सड़क पर रखकर जाम कर दिया। सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही भगवान बाजार थाना की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को शांत कराने और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक परिजन अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
अस्पताल छोड़कर फरार हुए डॉक्टर-कर्मचारी
दिलचस्प और चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के तुरंत बाद अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ ताला लगाकर रफूचक्कर हो गए। पूरा अस्पताल परिसर खाली पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ‘ओम हेल्थ हॉस्पिटल’ विवादों में आया है। इससे पहले भी इलाज के दौरान मरीजों की मौत और अस्पताल प्रबंधन की मनमानी को लेकर कई बार हंगामा हो चुका है, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से इनका मनोबल बढ़ा हुआ है।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अस्पताल के दस्तावेजों को खंगालने की तैयारी में है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में डॉक्टर दोषी पाए गए, तो अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

