पंकज श्रीवास्तव/छपरा/सारण। बिहार के सारण जिले में रविवार देर रात एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया चौक के समीप अज्ञात अपराधियों ने अधिवक्ता डबल मर्डर केस के मुख्य गवाह पंकज कुमार यादव (31 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में उनके छोटे भाई मनीष यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में पीएमसीएच, पटना रेफर किया गया है।

​फोन कॉल से रची गई साजिश

​मृतक के परिजनों के अनुसार रविवार रात लगभग 11 बजे पंकज के मोबाइल पर एक अज्ञात फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें घर से बाहर बुलाया। पंकज अपने भाई मनीष के साथ बाइक से घर से निकले, लेकिन वापस लौटते समय मेथवलिया चौक के पास पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। पंकज के सिर में गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि मनीष को भी गोली लगी है।

​गवाही से ठीक पहले हमले पर सवाल

​यह वारदात इसलिए भी अत्यंत गंभीर है क्योंकि पंकज यादव वर्ष 2024 में हुए चर्चित अधिवक्ता राम अयोध्या राय और उनके पुत्र सुनील कुमार यादव हत्याकांड के मुख्य गवाह थे। जानकारी के अनुसार आगामी बुधवार को मामले में पंकज की गवाही अदालत में होनी थी। गवाही से ठीक पहले हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि गवाही रोकने के लिए ही इस वारदात को अंजाम दिया गया है।

​पुलिस जांच और प्रशासनिक हलचल

​घटना की सूचना मिलते ही सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और अन्य आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। फिलहाल, पुलिस तीन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है: हत्या का गवाही से सीधा संबंध, कॉल करने वाले की पहचान और हमलावरों की भागने की दिशा।
​पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्यारों की पहचान के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया जा रहा है। पंकज अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।