संत कबीर नगर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को संत कबीर नगर के मान्यवर श्री कांशीराम जी स्पोर्ट्स स्टेडियम, खलीलाबाद में आयोजित कार्यक्रम में 684 करोड़ से अधिक की लागत वाली 201 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए.

खलीलाबाद और मेंहदावल विधानसभा क्षेत्रों की इन परियोजनाओं को विकास की नई गति से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मूल भाव आम जन के जीवन में परिवर्तन लाना है. क्षेत्र, विकासखंड, विधानसभा और जनपद का विकास कर उसकी गति को प्रगति में बदलना और प्रगति के माध्यम से समृद्धि के नए सोपान तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि इसी विकास के माध्यम से उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा और 2047 से पहले विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में प्रदेश अपनी भूमिका निभाएगा.

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बंद कताई मिल को फिर शुरू करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने संत कबीर नगर की बंद पड़ी कताई मिल का उल्लेख करते हुए कहा कि अब उसे दोबारा प्रारंभ करने के लिए कार्ययोजना पर काम शुरू हो रहा है. उन्होंने पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार और विकास की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले व्यवस्था का खामियाजा गरीब, किसान, नौजवान और बच्चों को भुगतना पड़ता था. योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी इंसेफेलाइटिस और मस्तिष्क ज्वर बच्चों के लिए भय का कारण हुआ करता था. हर मां को चिंता रहती थी कि बीमारी कहीं उसके बच्चे को न निगल जाए. उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया है और अब पूर्वांचल में स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है.

‘बीमारी भी खत्म की और माफिया भी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बीमारी के साथ-साथ अपराध और माफिया के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई की है. उन्होंने कहा, “बीमारी को भी समाप्त किया और माफिया को भी समाप्त किया. आज उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त और कर्फ्यू मुक्त प्रदेश की ओर बढ़ रहा है.” उन्होंने कहा कि अब त्योहारों के दौरान दुर्गा पूजा पंडाल लगाने, मूर्ति विसर्जन अथवा रामनवमी की शोभायात्रा के लिए लोगों को प्रशासन के सामने भय का वातावरण लेकर नहीं जाना पड़ता. बेटियों से छेड़छाड़ और व्यापारियों के कारोबार में जबरन हस्तक्षेप करने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

‘आस्था का सम्मान होगा तभी विकास होगा’

तामेश्वरनाथ धाम के कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास विकास के लिए धन की कमी नहीं है. सरकार भगवान शिव के प्रति आस्था और भारत की विरासत का सम्मान करते हुए धाम के विकास की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि कॉरिडोर निर्माण से प्रभावित होने वाले लोगों को उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी. स्थानीय लोग सहयोग करें तो आने वाली कई पीढ़ियों के लिए भव्य धाम विकसित किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने बैजनाथ धाम मंदिर के क्षतिग्रस्त हिस्से का भी उल्लेख किया और धर्मार्थ कार्य विभाग से प्रस्ताव मंगाकर आवश्यक कार्य कराने की बात कही. उन्होंने संत कबीर अकादमी और ऑडिटोरियम के निर्माण का भी जिक्र किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर की धरती पर उनकी स्मृति और विचारों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार कार्य कर रही है.

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95 हजार परिवारों को आवास, 3.5 लाख घरों में शौचालय

मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि संत कबीर नगर में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलाकर करीब 95 हजार गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है. करीब 3.5 लाख परिवारों के घरों में शौचालय बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि जिले के तीन लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत हर वर्ष 6 हजार की सहायता मिल रही है. वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन और निराश्रित महिला पेंशन समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मिल रहा है. योगी ने कहा कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव और बिना सिफारिश के पात्र लोगों तक पहुंच रहा है.

‘सड़कें सिर्फ आवागमन नहीं, विकास की रफ्तार हैं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में बन रही सड़कें, बाईपास, बस स्टेशन और अन्य परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि विकास की गति को प्रगति में बदलने का माध्यम हैं. बैरिया से बांसी होते हुए खलीलाबाद तक रेलवे लाइन परियोजना को उन्होंने क्षेत्र के विकास का आधार बताया. बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, रोजगार और व्यापार को गति मिलने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि लैंड बैंक तैयार होने के बाद संत कबीर नगर में विकास प्राधिकरण के गठन की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है. बेहतर सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं आज की आवश्यकता हैं और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है.

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आईआईटी से लेकर मेडिकल कॉलेज तक के आंकड़े गिनाए

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए केंद्र की भाजपा सरकार के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विस्तार के आंकड़े भी गिनाए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में आईआईटी की संख्या 16 थी, जो अब 23 हो गई है. आईआईआईटी की संख्या भी 13 से बढ़कर 22 हुई है. उनके अनुसार 2014 से पहले देश में 7 एम्स थे, जबकि अब इनकी संख्या 23 हो गई है. योगी ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 431 से बढ़कर 818 हुई है. एमबीबीएस सीटों की संख्या 51,348 से बढ़कर 1,28,926 और पीजी मेडिकल सीटों की संख्या 31,185 से बढ़कर 85,822 हो गई है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास और राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं की स्किलिंग पर जोर दिया जा रहा है. स्टार्टअप इकोसिस्टम का विस्तार हुआ है और देश में स्टार्टअप की संख्या 2.23 लाख से अधिक पहुंच गई है. यूनिकॉर्न की संख्या भी बढ़ी है.

‘नौजवान के भविष्य से खिलवाड़ किया तो संपत्ति जब्त होगी’

मुख्यमंत्री ने युवाओं की भर्ती और रोजगार में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार ने तय किया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था ने नौजवान के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया तो उसकी संपत्ति जब्त करने के साथ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.

617 करोड़ की परियोजनाओं का भी उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि खलीलाबाद और मेंहदावल विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी करीब 617 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी इस कार्यक्रम के माध्यम से हो रहा है. इनमें सड़क, पेयजल, आईटीआई, अस्पताल और क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि विकास तब होता है जब जनप्रतिनिधियों में विकास कार्यों के प्रति रुचि और इच्छाशक्ति हो. संत कबीर नगर को अपना आंगन बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार जिले के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का अंतिम उद्देश्य केवल विकास कार्यों का निर्माण नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में प्रगति और समृद्धि लाना है.