रणधीर परमार, छतरपुर। मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र छतरपुर जिले के किसानों ने सांकेतिक फांसी लगाते हुए प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास किया और केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत उचित मुआवजे की मांग की। नदी के बीचों बीच फांसी लगाए किसान, चिता सजाकर लेटी महिलाएं, हाथों में तख्ती लिए सैकड़ों महिला किसान दिखाई दीं।

छतरपुर जिले ढोढन-पलकुआं समेत 14 गांवों और पन्ना जिले के हजारों महिला-पुरुष किसान देश की पहली नदी जोड़ो योजना केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित होकर उचित मुआवजे की मांग को लेकर बीते 12 दिनों से अड़े हुए है। अब किसानों ने प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए सांकेतिक फांसी देकर अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसके अलावा महिला किसान अपनी चिता सजाकर कड़ी धूप में 45 डिग्री टेंपरेचर में लेटी नजर आई।

2 घंटे तक चली बैठक

उधर इन हजारों किसानों की मांगे पूरी करने का वादा करते हुए जिला प्रशासन ने एक बैठक रखी। जिसमें पांच महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए। जैसे फिर से सर्वे कराना, महिलाओं को अलग से मुआवजा देना, गांव के बदले गांव बसाना, मुआवजा की राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपए करना शामिल रहा। बैठक करीब 2 घंटे चली और बात भी बनती नजर आई, लेकिन किसानों ने कहा कि ऐसे वादे अधिकारी कई बार कर चुके है, लेकिन धरातल पर काम नहीं होता। इसलिए आंदोलन तो तब ही खत्म होगा जब जमीनी स्तर पर 10 दिनों के भीतर काम पूरा होगा।

बेरंग लौटे अधिकारी

यही वजह रही कि प्रशासनिक अधिकारियों को 2 घंटे बैठक करने के बाद भी खाली हाथ वापस लौटना पड़ा और किसान जस के तस आंदोलन करते नजर आए। वहीं किसान नेता अमित भटनागर का कहना है कि अधिकारियों ने जो पांच मांगों को लेकर चर्चा कि है इस बात को लेकर हम अपने प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बैठक के बाद अपना निर्णय दे पाएंगे।

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