कुंदन कुमार/पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के नवीनतम संस्करण को लेकर पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यालय में विशेष आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को सुनने के लिए बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिहार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।

​मन की बात प्रेरणा का स्रोत

​कार्यक्रम के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने प्रधानमंत्री के संबोधन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की मन की बात देशवासियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक होती है। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री द्वारा केरल का जिक्र किए जाने और बिहार के प्रसिद्ध जर्दालू आम की चर्चा को रेखांकित किया। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री की बातें न केवल देश को जोड़ती हैं बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। यही कारण है कि करोड़ों भारतीय अपने व्यस्त समय में से समय निकालकर इस कार्यक्रम को पूरी गंभीरता और उत्सुकता के साथ सुनते हैं।

​राबड़ी देवी के आवास मामले पर शाहनवाज का तंज

​मन की बात के अलावा शाहनवाज हुसैन ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली करने को लेकर जताई जा रही नाराजगी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी को जो नया आवास आवंटित किया गया है, वह बेहद शानदार और सुसज्जित है। उन्होंने कहा स्टैंड रोड स्थित बंगला काफी खूबसूरत है वहां हरियाली और घास लगाई गई है साथ ही वह मस्जिद के भी करीब है। वहां रहने में किसी प्रकार की असुविधा का सवाल ही नहीं उठता, फिर भी वे परेशान क्यों हैं, यह समझ से परे है।
​शाहनवाज हुसैन ने इस मुद्दे पर दलित राजनीति को लेकर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में जिस आवास में राबड़ी देवी रह रही हैं, वह किसी अनुसूचित जाति (SC) के मंत्री को आवंटित किया गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, क्या किसी दलित नेता को एक बड़े और अच्छे आवास में रहने का हक नहीं है? राबड़ी जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे आखिर क्या संदेश देना चाहती हैं।
​उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकारी आवास नियमों के तहत होता है जिसे खाली करना ही होगा। उन्हें इस तरह के विवाद से बचना चाहिए और प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।