रणधीर परमार, छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। छतरपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर कुपी के नजदीक बनला नदी पर चल रहे चिता आंदोलन को पुलिस ने तड़के सुबह भारी बल का प्रयोग कर समाप्त करा दिया है। इस दौरान पुलिस ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को हिरासत में ले लिया है।

14 दिनों से आमरण अनशन पर थे भटनागर

जानकारी के अनुसार केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित अन्य सिंचाई परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले 14 दिनों से अमित भटनागर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। जिसे रोकने के लिए रविवार सुबह करीब 5 बजे भारी पुलिस बल अचानक आंदोलन स्थल पर धमक पड़ा।

पुलिस ने अनशन पर बैठे अमित भटनागर को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए पुलिस उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गई और अस्पताल में भर्ती कराया है। आंदोलन स्थल पर मौजूद अन्य साथियों को पुलिस ने वहां से हटाकर अलग-अलग स्थानों पर छोड़ दिया है।

आज होने वाला था 400 करोड़ के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़!

इस प्रशासनिक और पुलिस की कार्रवाई के बाद आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश है। आंदोलन से जुड़ीं महिला कार्यकर्ता दिव्या अहिरवार ने एक वीडियो जारी कर प्रशासन पर आरोप लगाए हैं।

दिव्या अहिरवार का दावा है कि अमित भटनागर रविवार को केन-बेतवा लिंक परियोजना में हुए 400 करोड़ रुपये के बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले थे। इस खुलासे से घबराकर ही प्रशासन और पुलिस ने सुबह-सुबह यह दमनकारी कार्रवाई की है ताकि भ्रष्टाचार की फाइलें दबी रह सकें।

साथियों ने दी सरकार और प्रशासन को चेतावनी

दिव्या ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अमित भटनागर पिछले दो सप्ताह से भूखे-प्यासे अनशन पर हैं। यदि उन्हें या आंदोलन के किसी भी साथी को कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार की होगी। दिलचस्प बात यह है कि हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले, शनिवार की रात को ही सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने एक वीडियो जारी कर इस बात की आशंका जता दी थी कि उनके इस शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिस के दम पर कुचला जा सकता है और आखिरकार सुबह वही हुआ।

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